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ड्रोन से खेतों में छिड़का जाएगा खाद और पेस्टीसाइड, BHU ने किसानों के साथ शुरू किया ट्रायल

मिर्जापुर में किसान अब ड्रोन की मदद ले सकेंगे। इस ड्रोन के जरिए किसान सिर्फ 12 मिनट के अंदर ही 1 एकड़ की फसल में कीटनाशक और यूरिया खाद का छिड़काव कर पाएंगे।

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मिर्जापुर के साथ उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। BHU यानी बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के कृषि विज्ञान संस्थान ने एक ऐसा ड्रोन बनाया है, जो खाद डालने में किसानों की मदद करेगा। एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के डा. राम सिंह ने बताया है कि किसानों को अब अच्छी फसल के लिए पोषक तत्व, कीटनाशक दवा और खाद के छिड़काव में ज्यादा समय खेतों में नहीं देना पड़ेगा।

इस ड्रोन की मदद से किसान पूरे 1 एकड़ खेत में 12 मिनट के अंदर ही छिडकाव कर सकेगा। जहां पहले किसान को इसके लिए पूरा-पूरा दिन महनत करनी पड़ती थी वह अब कुछ मिनटों में हो पाएगा।

पेस्टिसाइड और नैनो यूरिया का होगा छिड़काव
BHU के कृषि विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों ने 10 लाख में यह ड्रोन बनाया है। इसके जरिए किसान अब आसानी से अपने खेतों में कीटनाशक यानी पेस्टिसाइड और नैनो यूरिया खाद का छिड़काव कर सकते हैं। इसमें किसानों का काफी समय बचेगा और बेहतर ढंग से पूरी फसल पर छिड़काव हो सकेगा।

10 किलो का वजन उठा पाएगा ड्रोन
खेत में काम करने के लिए न ही पूरे परिवार को लगना पड़ेगा और न ही दिन भर का समय देना पड़ेगा। यह ड्रोन एक बार में 10 किलो तक का वजन उठा सकता है। किसान को बीएचयू के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उसके बाद किसान इस ट्रायल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

GPS से लैस होगा ड्रोन
कृषि विभाग के डा. सुनील कुमार गोयल जो इस ड्रोन के पायलट भी हैं। वह किसान के खेत पर जाकर उसे ड्रोन की सुविधा देंगे। उन्होने बताया, “अभी ड्रोन का ट्रायल चल रहा है। जिन किसानों ने इसका रजिस्ट्रेशन करवा लिया हैं उन किसानों को इसका ट्रायल फ्री में दिया जा रहा है।

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वहीं, किसानों को पेस्टिसाइड देना होगा। ये ड्रोन GPS लैस होगा। ड्रोन का इस्तेमाल करते समय इस बात की सावधानी बरतनी होगा कि ड्रोन किसी बिजली के तार और पेड़ के टच में न आने पाए। ड्रोन को चार्ज करने की सुविधा मिलने पर इसका प्रयोग लंबे समय तक किया जा सकता हैं।

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