
रेलवे बोर्ड के नवागत अध्यक्ष सतीश कुमार पूरी तरह सादगी के साथ विंध्याचल धाम पहुंचे। उन्होंने पदभार ग्रहण करने से पहले मां विंध्यवासिनी के चरणों में शीश नवाया। श्री विंध्य पंडा समाज के पूर्व अध्यक्ष व तीर्थ पुरोहित भगवान दत्त उर्फ राजन पाठक ने विधि-विधान से उनको दर्शन पूजन कराया।आपसी बातचीत के दौरान उन्होंने उपस्थित तीर्थ पुरोहित को बताया कि ट्रेनों से दुर्घटना मुक्त सफर उनकी प्राथमिकता होगी। अचानक इनके विंध्याचल पहुंचने पर रेलवे अधिकारियों में हलचल मची रही। उनके साथ उनकी पत्नी रुबी रानी सिंह तथा पुत्र रुधिर मौजूद रहे।
सतीश कुमार पहले दलित अधिकारी हैं, जो रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष बने हैं। तीर्थ पुरोहित राजन पाठक ने बताया कि गुरुवार की सुबह उन्हें सीआरवी का फोन आया कि गुरुजी मां का दर्शन करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि उन दोनों के अलावा यह जानकारी किसी को भी न हो।वे फ्लाइट से वाराणसी पहुंचे और फिर सड़क मार्ग से पत्नी व बेटे के साथ पूर्व अध्यक्ष के घर पहुंचे। उनके साथ न तो कोई अधिकारी व न ही कोई सुरक्षा थी। विधिवत दर्शन पूजन करने के बाद उन्होंने मां से आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद तीर्थपुरोहित से वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि ज्यादा से ज्यादा तकनीकी का इस्तेमाल कर ट्रेन दुर्घटना रोकना, समय पालन व यात्री सुविधा को बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी।
Published on:
31 Aug 2024 04:58 pm
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