
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
मिर्जापुर में पुलिस ने अवैध रूप से भारत में निवास कर रहे बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को कोतवाली कटरा पुलिस ने अंजाम दिया, जिसमें आरोपियों के पास से फर्जी दस्तावेज के साथ मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिनमें भारतीय सिम कार्ड लगा था। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी एक क्रेशर प्लांट में मजदूरी का काम करते थे।
पुलिस ने बताया कि एसपी अपर्णा रजत कौशिक के निर्देश पर जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कटरा पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध लोगों के खिलाफ अभियान चला रही थी। पुलिस ने बताया कि मिर्जापुर के रेलवे स्टेशन के पास से पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति मिला, जिसने पूछताछ में अपना नाम मोहम्मद साबूज हुसैन बताया। पुलिस ने जब कई पहलुओं से उससे पूछताछ की तो पता चला कि वह बांग्लादेश का रहने वाला है।
जानकारी होने के बाद पुलिस उसे अपने साथ थाने लेकर आई और मामले में सघनता से पूछताछ की गई। इस दौरान साबूज ने बताया कि वह अकेला नहीं है बल्कि उसका भाई शब्बीर हुसैन और उसके दो अन्य साथी भी अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं। साबूज ने बताया कि शब्बीर ही उसे और बाकी लोगों को लेकर भारत आया था।
जानकारी होने के बाद पुलिस ने डगमगपुर पड़री स्थित क्रेशर प्लांट से बाकी के तीन बांग्लादेशियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनकी पहचान शब्बीर हुसैन, नरेश दास और जय दास के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनमें भारतीय सिम कार्ड लगा हुआ था। इसके साथ ही आरोपियों के पास से आधार कार्ड वा पैन कार्ड भी बरामद किया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के फोन की जब जांच की गई तो उनमें बांग्लादेशी वोटर आईडी और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज की तस्वीरें मिली हैं। आरोपियों ने भारत में अपनी असली पहचान छुपाने के लिए फर्जी दस्तावेज के जरिए आधार और पैन कार्ड बनवा लिए थे और उनपर पता बिहार के कैमूर जिले का दर्शाया था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बांग्लादेश में उनकी पहचान एक दलाल के साथ हुई थी, जिसने चारों को सीमा पार कराया और वे पश्चिम बंगाल के रास्ते ट्रेन से आगरा गए। इस दौरान वे काम की तलाश कर रहे थे। इसके बाद उन्हें मिर्जापुर में क्रेशर प्लांट में नौकरी की बात पता चली। यहां आने के बाद चारों आरोपी क्रेशर प्लांट में काम करने लगे। प्लांट के मालिक ने बताया कि आरोपियों ने भारतीय नागरिक होने का प्रमाण उन्हें सौंपा था और उनके पास आधार कार्ड थे। इसके साथ ही उन्होंने पैन कार्ड भी बनवा रखे थे, जिससे यह लगा कि वे भारतीय हैं और उन्हें कम पर रख लिया गया।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ ही नागरिकता अधिनियम और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मिर्जापुर पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
Updated on:
07 Apr 2026 08:37 pm
Published on:
07 Apr 2026 08:22 pm
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