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शर्मनाक, योगी राज में गर्भवती महिला ने सड़क किनारे पटरी पर दिया बच्चे को जन्म

स्थानीय लोगों की मदत से सड़क की पटरी के किनारे हुई महिला की डिलवरी 

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सड़क की पटरी के किनारे हुई महिला की डिलवरी

मिर्जापुर. हमने खूब तरक्की कर ली। आज हम इकीसवीं सदी के मुहाने पर खड़े हो कर विकिसित भारत की बात कर रहे हैं। मगर इन सब के बीच शर्मनाक तो यह है कि आज भी सड़कों पर महिलाएं बच्चों को जन्म देने के लिए मजबूर हैं। आज व्यवस्था की पोल उस दौरान खुल गयी जब सड़क के किनारे पटरी पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म। इस दौरान स्थानीय महिलाओं और मौके पर पहुंचे एम्बुलेंस के चालक ने गर्भवती महिला की मदत करते हुए बच्चे की सही सलामत डिलवरी करवाई। महिला और उसका बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

IMAGE CREDIT: patrika

घटना मड़िहान थाना क्षेत्र अंतर्गत दीपनगर बाजार की है, जहां अपने पिता के घर जा रही गर्भवती हीरावती उम्र 25 वर्ष अपने ससुराल कोलकम से डिलेवरी के लिए पटेहरा अपने बहन के घर जा रही थी। क्योंकि उसके गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। इसलिये वह 69 किलोमीटर दूर अपने बहने के घर डिलवरी के लिये जा रही थी। रास्ते में बुधवार की दोपहर जब वह दीपनगर बाजार पहुंची तो अचानक उसे पेट मे तेज दर्द होने लगा। वह प्रसव पीड़ा में बाजार में सड़क के किनारे एक बैंड बाजे की दुकान के सामने जमीन पर असहाय हो कर लेट गयी। इस दौरान उसे असहनीय दर्द होने लगा। दर्द की वजह से वह चीखने चिल्लाने लगी तब तक बाजार में स्थित अन्य महिलाओं ने उसकी हालत देख मौके पर पहुँच गयी व उसकी मदद की सड़क के किनारे ही डिलवरी के दौरान उसको एक बच्ची पैदा हुई।

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स्थानीय लोगों ने एम्बुलेंस को फोन कर बुलाया और उसे पटेहरा पीएचसी भेजवाया गया। जहाँ डॉक्टर वाजिद जमिल ने महिला और उसके बच्चे को स्वस्थ बताया और कहा कि ब्लड बन्द होने पर महिला और बच्चे को घर भेज दिया जाएगा। फिलहाल महिला और उसका बच्चा दोनों स्वस्थ और सुरक्षित हैं। इनका इलाज समुदाय स्वास्थ केंद्र में किया जा रहा है। मगर सवाल उठता है कि, क्या यह व्यवस्था की नाकामी नहीं आखिर कब तक सुविधाओं के अभाव में देश का भविष्य यू सड़कों पर जन्म लेता रहेगा। गांव की महिलाओं का ये हाल है कि आज भी उन्हें डिलेवरी के लिये दूर जाना पड़ता है।