
गर्मी बढ़ते ही गहराने लगा पेयजल संकट, प्राकृतिक सोतों का सहारा, बूद-बूद पानी के लिए संघर्ष करते ग्रामीण
मिर्जापुर. यूपी और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित जनपद मिर्जापुर की लालगंज तहसील के हलिया इलाके में लहुरिया दह गांव स्थित है। इस गांव के ग्रामीणों को गर्मी के दिनों में बूंद-बूद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है। जैसे ही गर्मी की शुरुआत होती इस इलाके में रहने वाले लोगो की मुसीबत दोगुनी हो जाती है। स्थानीय लोग पीने के पानी के लिए पहाड़ से निकते पानी के सोते पर निर्भर रहते हैं। जिससे बूंद-बूंद पानी इकठ्ठा कर यह अपना काम चलाते हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन की तरफ से टैंकरों द्वारा भेजा गया पानी भी इन ग्रामीणों का सहारा बनता है।
दशकों से गांव की यही स्थिति
पानी की क्या कीमत होती है, यह जानना हो तो लहुरिया दह के लोगो से मिलें। जहां पर पानी की एक एक बूंद के लिए लोग दिन-रात संघर्ष करते हैं। गांवों में गर्मी बढ़ने के साथ ही कुआं और तालाबों का जलस्तर तेजी से खिसकने लगा है। हैंडपंपों से भी पानी नहीं निकल रहा है। आज से नहीं बल्कि कई दशकों से गर्मी के दिनों में यहां की स्थिति ऐसी ही हो जाती है है। जो आज तक नही बदल सकी। चारो तरफ से पहाड़ों से घिरा पांच सौ की आबादी वाला यह इलाका हलिया विकास खंड के ग्राम पंचायत देवहट में पड़ता है। प्रदेश का सीमा पर यह अंतिम गांव है। चारो तरफ पहाड़ और पत्थर होने की वजह से यहां गर्मियों में पानी के लिए सबसे अधिक परेशानी रहती है। यहां पर पानी के लिए लोग पहाड़ की तलहटी में जाते है। जहां पहाड़ से रिस कर आने वाले पानी के सोते होते हैं। ग्रामीण इन्हीं सोतों पर निर्भर रहते है। दिन-रात पानी के लिए लोग यहां बाल्टी और प्लास्टिक के डब्बे के साथ लाइन लगा कर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। घंटों बाद उन्हें पानी मिलता है। उसे लेकर पैदल सफर तय कर ग्रामीण घर पहुचते हैं। गर्मी अधिक पड़ने पर पानी के यह प्राकृतिक सोते भी सूख जाते हैं। इसलिए यहां की परेसानी को देखते हुए जिला प्रशासन पानी सप्लाई के लिए दो टैंकर लगाता है। जैसे ही टैंकर बस्ती में पहुचते हैं। लोग पानी के लिए दौड़ पड़ते हैं। ग्रामीणों को टैंकर के सहारे ही अपनी प्यास बुझानी पड़ती है।
सारी कोशिशें फेल
यहां के रहने वाले स्थानीय राम किशन कहते हैं कि पानी की सप्लाई के लिए जिला प्रशासन कोऔर टैंकर लगाने चाहिए। नहीं तो गर्मी बढ़ने पर में हम लोगों के लिए मुसीबत और बढ़ जाएगी। बता दें कि लहुरिया दह में जिला प्रशासन ने कई बार पानी के लिए बोर करवाया। मगर प्रयास असफल रहा। पहाड़ी इलाका होने के कारण यहां पानी नहीं मिला। वहीं मैदानी क्षेत्र से पाइप के सहारे पानी पहाड़ के इस इलाके में पहुंचाने के लिए टैंक बनाया जा रहा है। मगर यह योजना भी अभी अधूरी है। जिसके कारण यहां पर पानी की समस्या का समाधन फिलहाल आज तक नहीं हो पाया है। यही हाल इस इलाके में मौजूद भैसोड़, बलाय, पहाड़ व कोरावल क्षेत्र का भी है। जहां पर कई गांवों में पेयजल की गंभीर समस्या है। पेयजल की समस्या को देखते हुए इन गांवो में भी टैंकर से पानी की सप्लाई की जा रही है।
Published on:
24 Apr 2020 04:27 pm
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