अब कोरोना संकट और चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के बीच 12 विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में कोरोना संक्रमण से लड़ने और वैक्सीनेशन को लेकर कुछ सलाह दी गई हैं तो वहीं प्रमुख तौर पर कुछ मांगे रखी गई हैं।
नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और टीकाकरण में आ रही रुकावटों को लेकर मोदी सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है। देश के कई राज्यों के अस्पतालों में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पाने की वजह से कई लोगों की जान जा चुकी है, तो वहीं कई राज्यों ने अपने यहां पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन नहीं मिलने आरोप लगातार केंद्र सरकार पर लगाती आ रही हैं।
लिहाजा, अब कोरोना संकट और चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के बीच 12 विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में कोरोना संक्रमण से लड़ने और वैक्सीनेशन को लेकर कुछ सलाह दी गई हैं तो वहीं प्रमुख तौर पर कुछ मांगे रखी गई हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण देशभर में वैक्सीनेशन को फ्री करने और सेंट्रल विस्टा के जारी काम को रोकने, उसका पैसा स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च करने, बेरोजगारों को हर माह 6 हजार रुपये देने की मांग प्रमुख है।
इसके अलावा इस चिट्ठी में 12 विपक्षी नेताओं ने कहा है कि विपक्ष संकट की इस घड़ी में कोरोना से निपटने को लेकर पहले भी कई बार सरकार को सकारात्मक सुझाव दिए हैं, लेकिन सरकार ने हमेशा नदरअंदाज किया है।
पीएम को लिखी चिट्ठी में विपक्षी नेताओं ने की ये प्रमुख मांग
आपको बता दें कि पीएम मोदी को लिखी गई चिट्ठी में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, जेडीएस प्रमुख एचडी देवगौड़ा, एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे,TMC प्रमुख ममता बनर्जी, DMK के अध्यक्ष एमके स्टालिन, झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष हेमंत सोरेन, JKPA अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, समाजनवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव, CPI के डी राजा और CPI-M के सीताराम येचुरी ने हस्ताक्षर किए हैं। इन सभी नेताओं ने चिट्ठी में ये प्रमुख मांग की हैं..
- वैक्सीन प्रोडक्शन की क्षमता बढ़ाने के लिए सभी सोर्स का इस्तेमाल किया जाए। देशभर में ग्लोबल और घरेलू वैक्सीनों से मुफ्त वैक्सीनेशन अभियान ( यूनिवर्सल वैक्सीनेशन प्रोग्राम ) चलाया जाए, जिसमें हर वर्ग के लोगों का टीकाकरण किया जाए।
- डोमेस्टिक वैक्सीन प्रोडक्शन के लिए जरूरी लाइसेंसिंग के प्रावधान को हटाया जाए। ऐसा करने से वैक्सीन के उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, सरकार वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान करे।
- निजी ट्रस्टों में जमा धनराशि को तुरंत रिलीज किया जाए। पीएम केयर्स फंड का इस्तेमाल अधिक से अधिक वैक्सीन, ऑक्सीजन और दवाओं के लिए किया जाए।
- सरकार फौरन जरूरतमंद लोगों को मुप्त में राशन पहुंचाने का काम करे। विपक्ष ने कहा है कि देशभर में स्थित सरकारी गोदामों में 1 करोड़ टन से अधिक राशन पड़ा हुआ है।
- सभी बेरोजगार लोगों को हर माह 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाए।
- किसानों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए तत्काल प्रभाव से तीनों कृषि कानूनों को रद्द किया जाए, जिससे तमाम किसान भारत के लोगों को खिलाने के लिए फसल का उत्पादन कर सकें।
- राजधानी में चल रहे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को फौरन बंद किया जाए। इस प्रोजेक्ट के लिए आवंटित धनराशि को ऑक्सीजन और वैक्सीन खरीदने में लगाया जाए।