
नई दिल्ली। समूचा देश कल यानी 15 अगस्त ( india independence day 2019 ) को स्वतंत्रता दिवस की खुशियों में डूबा होगा। भारतीय इतिहास में 15 अगस्त से बड़ी शायद ही कोई तारीख हो। पूरा भारत जानता है कि 15 अगस्त 1947 को हमारा प्यारा भारत वर्ष अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ था। हालांकि यह कुर्बानी बड़ी, याद छोटी जैसी बात है। यह वही दिन था जब भारतवासियों ने गुलामी की जंजीर तोड़ आजादी की खुली हवा में सांस ली थी। यह वजह है कि आजादी की यह 15 तारीख भारतीय जन मानस के दिलों जहन में बसी है।
15 अगस्त का दिन अशुभ
लेकिन आजादी की इस तारीख ( india independence day 2019 ) को लेकर जहां भारतीय को बड़ी आपत्ति थी, वहीं ज्योतिषियों ने भी इस दिन आजादी स्वीकारने से परहेज रखने को कहा था। दरअसल, ज्योतिषियों ने यह घोषणा कर दी थी कि आजादी के लिए 15 अगस्त दिन अशुभ है। लिहाजा आजादी का जश्न 14 अगस्त की आधी रात के बाद मनाना सुनिश्चित किया गया और इसक लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया गया।
भारतीयों को भी थी आपत्ति
दरअसल, अंग्रेजों ने भारत को आजाद करने के लिए 15 अगस्त 1947 ( india independence day 2019 ) की तारीख चुनी। क्योंकि भारत के अंतिम गर्वनर जनरल लॉर्ड माउंटबेटन थे। इसलिए यह तारीख भी उन्हीं के द्वारा चुनी गई। इसके पीछे की वजह अगर जानें तो यह द्वितीय विश्व युद्ध में दुश्मन सेना के सामने जापान के आत्मसमर्पण का दिन था। जबकि भारतीय आजादी के लिए 26 जनवरी 1948 का दिन चुनना चाहते थे। लेकिन माउंटबेटन और अधिक इंतजार नहीं कर सकते थे और उन्होंने 15 अगस्त पर ही मुहर लगा दी।
Updated on:
15 Aug 2019 02:45 pm
Published on:
14 Aug 2019 02:51 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
