
1988 - shatabdi exress
बेशक भारत में ट्रेन अंग्रेज लेकर आए थे, लेकिन भारत ने यह भी तरक्की की राह पकड़ी। पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्म की शताब्दी के अवसर पर देश में पहली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन दौड़ी। यह ट्रेन दिल्ली से झांसी के बीच रवाना हुई। प्लान के अनुसार यह ट्रेन दिल्ली से ग्वालियर के बीच चलनी थी, लेकिन भारतीय रेलवे इससे अच्छा रिस्पॉन्स चाहता थ, इसलिए इसे झांसी और नई दिल्ली के बीच चलाया गया। इस ट्रेन के अब भेपाल शताब्दी एक्सप्रेस के नाम से जाना जाता है। यह ट्रेन करीब 155 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती है।
सेबी का हुआ गठन
वर्ष 1988 भारतीय बिजनेस के लिए भी अहम साल साबित हुआ। इसी साल सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बॉर्ड ऑफ इंडिया का गठन हुआ, ताकि सिक्योरिटीज मार्केट और निवेशकों के लिए नियम व सुरक्षा का इंतजाम हो सके। हालांकि इस स्टैचररी पावर्स सेबी एक्ट 1992 के जरिए 30 जनवरी 1992 को मिली। सिक्योरिटीज मार्केट को रेगुलेट करने के लिए 1988 में इसे बतौर नॉन-स्टैचररी बॉडी ही स्थापित किया गया था। सेबी का हैडक्वार्टर्स मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्पलैक्स में बनाएया गया। हालांकि बाद में इसके रीजनल ऑफिस नई दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और अहमदाबाद में खुले। सेबी के लोकल ऑफिस जयपुर और बेंगलूरु में भी हैं।
वोटिंग की उम्र 21 से घटकर हुई 18 वर्ष
साल 1988 में एक बड़ा बदलाव देश के प्रजातंत्र में भी हुआ। देश में चुनाव के समय वोट डालने के लिए उम्र को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया। यानी कि अब चुनाव में वोट डालने के लिए 18 वर्ष का बालिग होना ही काफी था। यह भारतीय संविधान में किया गया 61वां संशोधन था। इसके तहत संविधान के आर्टिेकल 326 को संशोधित किया गया, जिसमें वोटिंग एज को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया गया।
यह बिल लोकसभा में 15 दिसंबर 1988 को पास हुआ जबकि राज्यसभा में इसे 20 दिसंबर 1988 को पास कर दिया गया। इस बिल को राष्ट्रपति रामास्वामी वेंकटरमन की मंजूरी 28 मार्च 1989 को मिली।
Published on:
13 Aug 2017 08:02 am
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