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1996 – साल 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी बने 13 दिन के प्रधानमंत्री

आजादी के बाद साल 1996 में देश महज 13 दिन के लिए केन्द्र सरकार का गठन हुआ और इस अटल बिहारी वाजपेयी इस सरकार के प्रधानमंत्री बनें

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जयपुर

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Sunil Sharma

Aug 13, 2017

easy way to get atal pension plan for all

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आजादी के बाद साल 1996 में देश की राजनीति में एक अनोखा घटनाक्रम हुआ। महज 13 दिन के लिए केन्द्र सरकार का गठन हुआ और इस अटल बिहारी वाजपेयी इस सरकार के प्रधानमंत्री बनें। लेकिन वाजपेयी 13 दिनों के भीतर बहुमत पेश नहीं कर सके और उन्हे प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। अटल बिहारी वाजपेयी का नाम भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय प्रधानमंत्रियों में लिया जाता है। नरसिम्हा राव के बाद 1996 में अटल बिहारी वाजपेयी मात्र 13 दिन के लिए ही प्रधानमंत्री बन पाए थे। 1996 के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी।

संसदीय दल के नेता के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 21 मई 1996 को प्रधानमंत्री के पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। 31 मई 1996 को इन्हें अन्तिम रूप से बहुमत सिद्ध करना था, लेकिन विपक्ष संगठित नहीं था। इस कारण अटल जी मात्र 13 दिनों तक ही प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने अपनी अल्पमत सरकार का त्यागपत्र राष्ट्रपति डॉ. शंकरदयाल शर्मा को सौंप दिया।

अमरनाथ यात्रा के दौरान हुआ हादसा

अगस्त 1996 में अमरनाथ यात्रा के दौरान खराब मौसम के कारण लगभग 250 यात्रियों की मौत हो गई। आतंकवादियों की धमकी के बाद 1991 से लेकर 1995 तक सरकार ने अमरनाथ यात्रा पर रोक लगा दी थी। लेकिन जब आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों को कोई क्षति न पहुंचाने का अश्वासन सरकार को दिया उसके बाद 1996 में अमरनाथा यात्रा फिर से शुरू कर दी गई। कई सालों बाद शुरू हुई इस यात्रा में लाखों की संख्या में यात्री उमड़ पड़े।

21 अगस्त से लेकर 25 अगस्त, 1996 में 1 लाख यात्री या तो अमरनाथ की ओर जा रहे थे या फिर वापस जम्मू आ रहे थे। इस दौरान यात्रा के रास्ते में अत्यधिक बर्फबारी और बफीली हवाएं चलीं। मौसम में आई खराबी के चलते करीब 250 यात्रियों ने अपनी जान गंवा दी। जम्मू-कश्मीर की नेशनल कांफ्रेंस सरकार ने त्रास्दी की जांच के लिए सेवानिवृत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी डॉक्टर नीतीश सेनगुप्ता के नेतृत्व में समिति का गठन किया। समिति से कहा गया था कि भविष्य में ऐसी त्रास्दी न हो, इसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।