
1997 - TRI
भारत ने आजादी मिलने के बाद से साल दर साल तरक्की की कई सीढिय़ां चढ़ी हैं। हमने दुनिया को साबित किया है कि आखिर कैसे हम भिन्नता में भी एकता का संदेश दे पाते हैं। साल 1997 में इसका एक उदाहरण देखने के मिला, जब देश को पहला दलित राष्ट्रपति मिला।
25 जुलाई 1997 को के आर नारायणन ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली। वे देश के 10वें राष्ट्रपति थे। 14 जुलाई को नारायणन ने टी एन सेशन को हराते हुए राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता था। उन्होंने खुद को वर्किंग प्रेसिडेंट का नाम दिया, जिसने संविधान की चारों दिशाओं में काम किया। वे एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट और रबर स्टैंप प्रेसिडेंट के बीच में कहीं थे।
ट्राई की स्थापना
इसी साल देश में टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी कि ट्राई की स्थापना हुई। यह वो साल था, जब भारत में टेलिफोन का इस्तेमाल बढऩे लगा था और बड़े शहरों में मोबाइल फोन भी पहुंचने लगे थे। इससे पहले टेलिकॉम सर्विसेस और टेरिफ का रेगुलेशन केंद्र सरकार देखा करती थी, लेकिन 20 फरवरी 1997 को पार्लियामेंट के एक्ट के तहत ट्राई की स्थापना हुई। ट्राई आज भी टेलिकॉम सेक्टर को रेगुलेट करने में मुख्य किरदार निभा रहा है। इसका हैडक्वार्टर महानगर दूरसंचार भवन, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, नई दिल्ली में बनाया गया।
भारतीय राजनीति में हुई सोनिया गांधी की एंट्री
भारतीय राजनीति के लिए यह साल काफी अहम रहा। यही वो वक्त था जब दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी ने देश की राजनीति में कदम रखा था। इससे पहले जब राजीव गांधी की हत्या हुई तब 1991 में भी कांग्रेसी नेताओं ने उनसे राजनीति में आने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया और राजनीति से दूर रहीं। हालांकि 1997 में आखिरकार वे राजनीति में आने के लिए मान गईं। 1998 में उन्हें कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया गया। वर्तमान में सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी में सबसे लंबे समय के लिए अध्यक्ष पद पर बने रहने वाली पहली अध्यक्ष हैं।
Published on:
14 Aug 2017 08:16 am
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