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बिहार चुनावः 25000 करोड़ का सट्टा, जानिए किसकी बनेगी सरकार

सट्टाबाजार का मानना है कि यदि 90 से 95 सीट तक भाजपा को मिल जाती है तो सहयोगी दलों के साथ मिल कर सरकार बना सकती है

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siddharth tripathi

Nov 06, 2015

Speculation in bihar elecation

Speculation in bihar elecation

नर्इ दिल्ली।
देश की निगाहें जहां एक तरफ बिहार चुनाव पर टिकी हुई हैं, वहीं सट्टेबाजों और बुकियों की निगाहों का निशाना भी बिहार की आेर ही है। बिहार विधानसभा के लिए मचे घमासान का फायदा उठाने के लिए सट्टेबाज भी सक्रिय हो गए हैं। कुल 243 विधानसभा क्षेत्रों के चुनावों को लेकर बुकियों की रणनीति तैयार हो चुकी है। भाव खुल चुके हैं। कुल 25 हजार करोड़ रुपए का सट्टा लगने की उम्मीद सट्टाबाजार कर रहा है। बुकियों का मानना है कि न केवल कांटे की टक्कर है बल्कि फोटो फिनिश में जीत एनडीए को मिल सकती है और वे ही जोड़तोड़ कर सरकार बनाएंगे।


एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार बुकि ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले चुनाव में भाजपा के 91 विधायक बने थे। जेडीयू के 115 उम्मीदवार जीत कर विधानसभा में पहुंचे थे। इसी तरह कांग्रेस के पास महज 4 ही विधायक थे। आरजेडी के पास 22 विधायक थे। इस बार हर राजनीतिक दल के लिए यह चुनाव न केवल वर्चस्व की लड़ाई बना हुआ है बल्कि बिहार के सबसे कद्दावर नेता एवं सफल मुख्यमंत्री माने जा रहे नीतीश कुमार के लिए ये चुनाव अग्निपरीक्षा माना जा रहा है।


बुकियों का कहना है कि इस बार जेडीयू 110 उम्मीदवार उतार रहा है, तो उसके सामने भाजपा 160 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े कर है। भाजपा को टक्कर देने के लिए आरजेडी ने 100 और इंका ने 40 सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति बनाई है। सट्टाबाजार का मानना है कि बहुमत हासिल करने के लिए कुल 122 विधायकों का एक ही दल के लिए विधानसभा में पहुंचना जरूरी है। इस हिसाब से तो यदि 90 से 95 सीट तक भाजपा को मिल जाती है तो सहयोगी दलों के साथ मिल कर वह सरकार बना सकती है। दूसरी तरफ बुकियों के मुताबिक महागठबंधन की जीत का आंकड़ा 110 से 115 तक सिमट कर रह सकता है।


बुकियों का अपना निगरानी और शोध का पूरा तंत्र विकसित है। वे न केवल सभी राजनीतिक दलों की सभाओं पर निगरानी रख रहे हैं बल्कि लगातार राजनीतिक पंडितों और खुद राजनेताओं से भी अंदरूनी जानकारियां हासिल करते रहते हैं ताकी जनता का मूड समझा जा सके। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक चुनावों पर सट्टा लगाने के लिए कोई भी बुकि बिहार में रह कर धंधा नहीं करेगा। वहां बस निगरानी के लिए ही आदमी रखे हैं। एक बुकि के मुताबिक इस सट्टे में खुद राजनेता भी अच्छी–खासी रकम लगाते हैं। वे न केवल अपने उम्मीदवार और दलों की जीत पर सट्टा लगाते हैं बल्कि विरोधी दलों के तगड़े उम्मीदवारों की जीत या हार पर भी सट्टा लगाते हैं। एक बुकि के मुताबिक मुंबई और आसपास के इलाकों में बिहार चुनाव का सट्टा लगाने के लिए बुकियों ने तैयारी कर ली है और वहीं बैठ रहे हैं।


सट्टा बाजार में भाजपा

भाजपा अगर 85 सीटें लाती है तो एक रुपए लगाने पर मिल रहे हैं 38 पैसे। यानी सट्टा बाजार मान रहा कि भाजपा इससे ज्यादा सीटें लाएगी। 90 सीट पर 72 पैसे का रेट है। 95 सीट पर 1 रुपये 15 पैसा का। सट्टा बाजार को विश्वास है कि भाजपा को 90 के आसपास सीटें मिलेंगी।


जदयू

जदयू की 60 सीट पर 36 पैसे का रेट खुला है। 65 सीट मिलने पर 75 पैसे। 70 पर 1.30 पैसे। 75 पर 2 रुपए और 80 पर 6 रुपए। यानी बुकी मानते हैं कि जदयू को 65-66 के आसपास सीट मिल सकती है।


राजद

राजद को 30 सीट मिलने का अगर अनुमान लगाते हैं, तो बुकी 40 पैसे देंगे। 35 सीट पर 90 पैसे, 40 सीट पर 1.65 पैसे, 45 सीट पर 2.50 पैसे और 50 सीट पर 6 रुपए का रेट है। यानी सट्टा बाजार को अनुमान है कि राजद को 35-36 सीट के मिल सकती है।


कांग्रेस

कांग्रेस को लेकर बाजार सबसे अधिक संवेदनशील है। 5 से लेकर 8 सीट पर पूरा दांव खत्म। कांग्रेस का रेट 5 सीट पर 60 पैसे, 6 सीट पर 1.10 पैसे, 7 सीट पर 2 रुपए और 8 सीट पर 4 रुपए का रेट है। यानी सटोरिए मानते हैं कि कांग्रेस को 8 सीट मिलने का अनुमान लगाना 'हाई रिस्क' है।

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