एक एक्टर से सफल डायरेक्टर बनने तक जानें Nishikant Kamat का फिल्मी सफरनामा

  • 17 जून 1970 में मुंबई के दादर इलाके में एक मराठी परिवार में हुआ Nishikant Kamat का जन्म
  • निशिकांत ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत हिंदी फिल्म हवा आने दे में बतौर अभिनेता से की
  • मराठी फिल्म Dombiwali West और हिंदी फिल्म Drishyam से मिली पहचान

नई दिल्ली। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ( Film Industry ) इस वक्त काफी कठिन दौर से गुजर रही है। एक तरफ कोरोना वायरस ( coronavirus ) का संकट तो दूसरी तरफ कई दिग्गज हस्तियों का दुनिया को अलविदा कह जाना। इन घटनाओं ने ना सिर्फ फिल्म उद्योग बल्कि फिल्म प्रशंसकों को भी काफी आहत किया है। ताजा खबर जाने माने डायरेक्टर निशिकांत कामत ( Nishikant Kamat ) को लेकर है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे निशिकांत को हैदराबाद ( Hyderabad ) के एक अस्पताल ( Hospital ) में भर्ती किया गया है। बताया जा रहा है कि उनकी सेहत फिलहाल ठीक नहीं है। आईए डालते हैं निशिकांत के एक्टर से डायरेक्टर बनने तक के फिल्मी सफरनामे पर एक नजर।

मुंबई या यूं कहें माया नगरी जहां हर कोई ढेरों सपने लेकर आता है और उन्हें अंजाम तक पहुंचाता भी है। कुछ ऐसा ही हुआ निशिकांत कामत के साथ। हर नौजवान की तरह निशिकांत का भी फिल्मों से काफी लगाव था और उनका भी मन फिल्मों में बतौर हीरो बनने का ही था। जो उन्होंने पूरा भी किया। वर्ष 2004 में निशिकांत ने फिल्म हवा आने दे ( Hawa Ane De ) से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में उन्होंने बतौर अभिनेता ( Actor ) काम किया।

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इसके बाद निशिकांत ने कुछ मराठी फिल्मों में भी अभिनेता के तौर पर काम किया। इनमें से एक थी सातच्या आत घरात। इस फिल्म के लेखक भी निशिकांत ही थे। हालांकि कुछ सफलता हाथ नहीं लगी। फिल्मों से लगाव के चलते निशिकांत के अंदार का एक्टर अब डायरेक्टर बनने की ओर बढ़ने लगा और जल्द ही उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में भी छलांग लगा दी।

निशिकांत ने 2005 में बतौर निर्देश मराठी फिल्म बनाई। ये फिल्म थी डोंबिवली फास्ट। इस मराठी फिल्म को डायरेक्ट कर निशिकांत ने फिल्म इंडस्ट्री को एक सशक्त शुरुआत कर डाली। इसके बाद तो जैसे निशिकांत के अंदर का निर्देशक पूरी तरह खुल गया और उन्होंने अन्य भाषाओं की फिल्मों को निर्देशित करना शुरू कर दिया। वर्ष 2007 में उन्होंने एक तमिल फिल्म को डायरेक्ट किया।

वहीं 2008 में एक बार फिर वो हिंदी फिल्मों की तरफ लौटे और 'मुंबई मेरी जान' बनाई। इस फिल्म ने भी निशिकांत को खासा फेम दिया।

हालांकि अभी भी निशिकांत के अंदर का अभिनेता मरा नहीं था और उन्होंने फिल्मों में एक्टिंग को जारी रखा। 2011 में उन्होंने हिंदी फिल्म 404 में एक्टिंग की।

इसके बाद 2011 में ही जॉन अब्राहम अभिनीत फिल्म फोर्स को डायरेक्ट किया। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया और निशिकांत एक स्थापित डायरेक्टरों में शुमार हो गए। इसके बाद 2014 में निशिकांत की मराठी फिल्म लाई भारी आई।

दृश्यम से मिली लाइमलाइट
वर्ष 2015 में निशिकांत कामत ने अपने करियर की सबसे सफल फिल्म दृश्यम बनाई। अजय देवगन ने इस फिल्म में बतौर अभिनेता काम किया औऱ ये फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट हुई।
2016 में निशिकांत ने जॉन अब्राहम की फिल्म रॉकी हैंडसम में बतौर विलेन लोगों की तारीफ बंटोरी।
इसके अलावा इरफान खान अभिनीत मदारी और अनिल कपूर के बेटे हर्षवर्धन की फिल्म भावेश जोशी जैसे फिल्मों में भी निशिकांत ने अपने काम से सबका ध्यान खींचा।

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आने वाली फिल्म
निशिकांत इन दिनों अपनी आगामी फिल्म दरबदर के लिए काम कर रहे हैं। ये फिल्म 2022 में रिलीज होनी थी। हालांकि कोरोना की वजह से इसके भी आगे बढ़ने के आसार हैं। निशिकांत ने टेलीविजन पर भी दो प्रोग्राम रंगबाज फिर से और फाइनल कॉल के प्रोड्यूसर भी हैं।

जन्मः निशिकांत का जन्म मुंबई के दादर इलाके में 17 जून 1970 में हुआ। वे मिडिल क्लास फैमिली में जन्मे लेकिन सपने हमेशा ऊंचाईयों तक पहुंचने के देखे। निशिकांत ने रामनारायण रुईया ऑटोनॉमस कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की।

अवॉर्डः निशिकांत को नेशनल अवॉर्ड से भी नवाजा गया। उन्हें मराठी फिल्म डोंबिवली वेस्ट के लिए 2006 में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। वहीं फिल्म फेयर से भी बेस्ट क्रिटिक अवॉर्ड जीता।

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धीरज शर्मा
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