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आखिर दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्विटर से क्या-क्या कहा, जानिए यहां

दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि मैं नोटिस जारी करने के इच्छुक हूं। यदि नियमों पर रोक नहीं लगाई गई है, तो उन्हें नियमों का पालन करना होगा।
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Saurabh Sharma

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Updated: 31 May 2021, 4:19 PM IST

Delhi HC to Twitter, If IT rules not stayed, they have to be complied

Delhi HC to Twitter, If IT rules not stayed, they have to be complied

नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को ट्विटर इंडिया और ट्विटर इंक द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 (आईटी नियम, 2021) का पालन न करने के खिलाफ एक याचिका पर नोटिस जारी किया। न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि मैं नोटिस जारी करने के इच्छुक हूं। यदि नियमों पर रोक नहीं लगाई गई है, तो उन्हें नियमों का पालन करना होगा।

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केंद्र जारी करे ट्विटर को आदेश
अधिवक्ता अमित आचार्य द्वारा दायर याचिका में उच्च न्यायालय से आग्रह किया गया कि वह केंद्र को निर्देश जारी करे कि वह सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल आचार संहिता) नियम 2021 के नियम 4 के तहत रेसिडेंट शिकायत अधिकारी को नियुक्त करने के लिए ट्विटर इंडिया और ट्विटर इंक को आवश्यक निर्देश पारित करे। हाईकोर्ट ने केंद्र और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर को नोटिस जारी कर याचिका पर उनका रुख पूछा है।

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6 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
ट्विटर के वकील ने कहा कि जब याचिका दायर की गई थी तब नियमों का पालन नहीं किया गया था लेकिन अब हमने अनुपालन किया है। वकील ने कहा कि रेसिडेंट शिकायत अधिकारी को 28 मई को नियुक्त किया गया था और वह इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए सहमत हैं। अदालत ने कहा कि याचिका आईटी नियम, 2021 के अनुपालन से संबंधित है और नोटिस जारी किया गया है। अदालत अब 6 जुलाई को मामले में आगे की सुनवाई करेगा।याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता आकाश वाजपेयी ने कहा कि नियुक्ति आईटी नियमों के अनुसार नहीं है।

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3 सप्ताह के लिए समय दिया गया
अदालत ने कहा कि ट्विटर ने प्रस्तुत किया कि 28 मई, 2021 को एक रेसिडेंट शिकायत अधिकारी नियुक्त किया गया है, और उसके वकील ने एक संक्षिप्त उत्तर दाखिल करने का प्रयास किया है और उसे इसके लिए 3 सप्ताह के लिए समय दिया गया। याचिकाकर्ता के एक अन्य वकील ने तर्क दिया कि उन्होंने बताया कि एक शिकायत अधिकारी नियुक्त किया गया है, लेकिन हम नहीं जानते कि क्या उन्होंने इसे कानून के अनुसार नियुक्त किया है या नहीं। पीठ ने जवाब में वकील से कहा कि हस्तक्षेप न करें, इसलिए मैं नोटिस जारी कर रहा हूं और याचिका का निपटारा नहीं कर रहा हूं।