
भुवनेश्वर। भारत ने रविवार को अग्नि-5 मिसाइल का उड़ीसा के बालासोर स्थित अब्दुल कलाम आईलैंड के इंटेग्रेटिड टेस्ट रेंज (आईटीआर) से सफल परीक्षण किया है। भारत की इस महत्वपूर्ण बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण बलोसरे के व्हीलर द्वीप स्थित लॉन्च पैड नंबर 4 से सुबह के 9.48 मिनट पर किया गया। यह इस मिसाइल का छठवां सफल परीक्षण है। इसे पहले इस मिसाइल का सफल परीक्षण इसी साल 18 जनवरी को किया गया था।
अग्नि का यह परीक्षण पोखरण-द्वितीय परमाणु परीक्षण की 20 वीं वर्षगांठ के कुछ दिन बाद ही हुआ है। बता दें कि भारत ने 11 मई को पोखरण परमाणु परीक्षण की 20 वीं वर्षगांठ मनाई। भारत ने 11 और 13 मई, 1998 को राजस्थान के पोखरन में पांच भूमिगत परमाणु परीक्षण किए थे।
बढ़ेगी भारत की ताकत
परमाणु क्षमता से युक्त सतह से सतह पर मार करने वाली अग्नि मिसाइल 5,000 किलोमीटर तक के दायरे में मार कर सकती है। अग्नि -5 के साथ भारत 5,000-5,500 किमी तक मार करने वाली आईसीबीएम वाले देशों में शामिल हो जाएगा। अभी तक यह तकनीक केवल यूएस, चीन, रूस और फ्रांस के पास ही है।
अग्नि -5, अग्नि श्रृंखला में सबसे उन्नत मिसाइल है। इसकी नेविगेशन क्षमता ,मार्गदर्शन, वारहेड और इंजन के तकनीक अपनी श्रेणी की मिसाइलों में सब बेहतर है। मिसाइल कुछ इस तरह से डिजाइन की गई है कि यह अपने परास की चोटी तक पहुंचने के बाद नीचे एते समय पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के कारण अधिक तेजी के साथ अपने लक्ष्य की और अग्रसर होती है।
क्या है अग्नि की खूबियां
- अत्याधुनिक तकनीक से बनी 17 मीटर लंबी और दो मीटर चौड़ी अग्नि-5 मिसाइल परमाणु हथियारों से लैस होकर 1 टन पेलोड ले जाने में सक्षम है। इस मिसाइल में तीन चरणों का प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है।
- MIRV तकनीक से लैस होने के चलते इस मिसाइल से एक साथ कई जगहों पर वार किया जा सकता है, एक साथ कई जगहों पर गोले दागे जा सकते हैं, यहां तक कि अलग-अलग देशों के ठिकानों पर एक साथ हमले किए जा सकते हैं।
- अग्नि पांच के लॉन्चिंग सिस्टम में कैनिस्टर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस की वजह से इस मिसाइल को कहीं भी बड़ी आसानी से ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है।
- यह मिसाइल एक बार छूटी तो रोकी नहीं जा सकेगी। यह 1000 किलो का न्यूक्लियर हथियार ले जा सकेगी।
- अग्नि 5 मिसाइल से छोटे सैटेलाइट छोड़े जा सकेंगे।इससे दुश्मनों के सेटेलाइट को नष्ट करने में भी मदद मिलेगी।
- इसे केवल प्रधानमंत्री के आदेश के बाद ही छोड़ा जाएगा। इसीलिए भारत इसे वेपन ऑफ पीस कहता है।
Published on:
03 Jun 2018 12:22 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
