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नई दिल्ली। क्या आप ऐसे इलाके में रहते हैं जहां जंक फूड चेन, रेस्टोरेंट और चटोरी गलियां ज्यादा हैं? यदि हां, तो संभल जाइए। एम्स के एक अध्ययन के अनुसार जिन इलाकों में फास्टफूड दुकानों की संख्या ज्यादा है, वहां रहने वाले लोगों को लाइफ स्टाइल डिजीज होने का खतरा अधिक होता है।
एम्स ने जीपीएस मैपिंग, जीआईएस मैपिंग और रेंडम सेंपलिंग के जरिए यह निष्कर्ष निकाला है। दिल्ली के हर ब्लॉक के 20 घरों से दो-दो सदस्यों के सैंपल एकत्र किए गए। 2010-2011 में सर्वे की शुरुआत में जिन लोगों को नमूने के तौर पर चुना गया, वह पूरी तरह स्वस्थ थे।
चिन्हित लोगों की पहले साल बीपी, शुगर, कॉलेस्ट्रॉल, किडनी फंक्शनए लिवर फंक्शन और हार्ट की जांच की गई। इन जांचों को हर साल दोहराया गया। रिसर्च टीम ने जीआईएस और जीपीएस मैंपिंग के जरिए जाना कि सैंपल वाले इलाकों में रेस्टोरेंट और फास्टफूड चेन की संख्या कितनी है।
इस आधार पर यह पाया गया कि ऐसे इलाके जहां पर जंक फूड और रेस्टोरेंट की चेन ज्यादा है, वहां के लोगों में न सिर्फ मोटापा बढ़ा बल्कि बीपी, शुगर और हार्ट अटैक जैसे बीमारियों का खतरा भी। वहीं दूसरी तरफ वह लोग जो ऐसे इलाकों में रह रहे थे जहां जंक फूड और रेस्टोरेंट चेन की संख्या कम हैए उनके स्वास्थ्य संबंधी पैरामीटर में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला।
यही नहीं रिसर्च में यह भी पाया गया है कि ऐसे इलाके जहां पर जनसंख्या घनत्व कम है वहां के निवासी ज्यादा स्वस्थ हैं। एम्स के विभागाध्यक्ष इंडोक्राइन निखिल टंडन ने कहा कि हमारे रिसर्च में साफ है कि जिन इलाकों में जंक फूड ज्यादा मिलता है, वहां के लोग मोटापे के शिकार बने। उन्हें बीपी, शुगर और हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ा। वहीं ऐसे इलाके जहां ऐसे रेस्टोरेंट नहीं हैं वहां के लोग स्वस्थ नजर आए।
Published on:
29 Sept 2017 10:27 pm
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