इस बीच एयर चीफ मार्शल को चिंता सताए जा रही था कि कहीं उनका यह प्लान फेल न हो जाए। यह प्लान ही कारगिल युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाने वाला था। ऐसे में एयर चीफ मार्शल ने खुद इस हमले की निगरानी का फैसला लिया। तय किया गया कि दो मिराज-2000 लड़ाकू विमान टाइगर हिल की ओर जाएंगे और वहां बैठे दुश्मन को खत्म कर देंगे। 24 जून को उड़ान भरते हुए दोनों मिराज टाइगर हिल पर पहुंचे। पहले मिराज ने दुश्मन के ठिकाने को निशाना बनाते हुए देसी बम से उन्हें नेस्तनाबूत कर दिया, जबकि दूसरा मिराज पूरे ऑपरेशन पर नजर रख रहा था। दूसरे मिराज में एयर चीफ मार्शन बैठ कर अन्य पायलटों को निर्देश दे रहे थे।