
सचिन वाजे
नई दिल्ली। मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani ) के घर एंटीलिया के बाहर मिली संदिग्ध कार मामले में नया मोड़ सामने आया है। इस केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के सीनियर ऑफिसर्स ने सचिन वाजे की पूरी प्लानिंग होने की बात कही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआईए के अधिकारियों ने ये माना है कि इस पूरी साजिश के पीछे सचिन वाजे का ही हाथ है। यही नहीं अधिकारियों ने ये भी बताया है कि आखिर सचिन वाजे ने ये कदम क्यों उठाया?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुकेश अंबानी के घर के बाहर मिले विस्फोटक मामले पर एनआईए के अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी घटना के पीछे सचिन वाजे ही मास्टर माइंड है। इस कदम को उठाने के पीछे उनका मकसद अपनी खोई इज्जत पाना था।
एनआईए अधिकारियों ने बताया कि बतौर पुलिस अधिकारी खुद की काबिलियत दिखाने और सुर्खियों में बने रहने की वजह से ही सचिन वाजे ने इस पूरे प्रकरण को अंजाम दिया। इसके बाद खुद ही इस रहस्य को सुलझाने में भी जुट गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सचिन वाजे खुद एनआईए से पूछताछ में इस प्रकरण की झूठी कहानी भी सुनाई है, जिस पर एजेंसी को भरोसा नहीं है। हालांकि अभी एनआईए की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है और मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।
ऐसे बदला घटनाक्रम
आपको बता दें कि अंबानी के घर के बाहर कार मिलने के बाद से ही ये मामले सुर्खियों में आ गया। मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच के क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के पूर्व प्रमुख सचिन वाजे इसमें जुट गए। हालांकि 8 मार्च को तमाम विरोधों के बीच ये केस एनआईए को सौंप दिया गया।
इसके बाद पूरा घटनाक्रम ही पलट गया। इस मामले की जांच कर रहे सचिन वाजे ही एनआईए के निशाने पर आ गए।
पांच दिन के अंदर एनआईए ने 13 मार्च को सचिन वाजे को गिरफ्तार कर लिया। आपको बता दें कि 25 फरवरी से 7 मार्च तक सचिन वाजे ही इस केस को हैंडल कर रहे थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआईए सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सचिन वाझे 25 फरवरी को खुद स्कॉर्पियो कार चला रहे थे और एक इनोवा, जो मुंबई पुलिस की थी, उनके पीछे थी। अंबानी के घर के बाहर स्कॉर्पियो को पार्क करने के बाद सचिन वाझे इनोवा में बैठ गए और वहां से निकल गए।
काली मर्सिडीज की जब्ती भी अहम
एनआईए को मंगलवार को इस केस में एक और बड़ी कामयाबी मिली थी। एनआईए ने उस काली मर्सिडीज के जब्त कर लिया, जिसके पिछले दिनों तलाश की जा रही थी। खास बात यह है कि इस कार का इस्तेमाल भी सचिन वाजे ही कर रहे थे। यही नहीं आखिरी बार स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हीरेन को भी इसी कार में देखा गया था।
इस कार की तलाशी में भी टीम के हाथ कई अहम सुराग लगे, जो इस केस की गुत्थी को सुलझाने में महत्वपूर्ण हैं। जैसे- स्कॉर्पियो कार की नंबर प्लेट, 5 लाख रुपये से अधिक की नकदी, एक नोट गिनने की मशीन और कुछ कपड़े। सचिन इस कार चलाते जरूर थे, लेकिन ये कार किसी और की है। हालांकि अब तक इसका खुलासा नहीं हुआ है कि इसका मालिक कौन है।
16 साल से निलंबित थे वाजे
सचिन वाजे पिछले 16 वर्षों से निलंबित चल रहे थे। उन्हें 2004 में एक कस्टोडियल डेथ के मामले में सस्पेंड कर दिया गया था। एनआईए सूत्रों की मानें तो अपनी खोई हुई पहचान को हासिल करने की चाहत ने सचिन वाजे से काम करवाया।
सचिन वाजे मुंबई पुलिस के सामने यह साबित करना चाहते थे कि वह अभी भी एक बम की साजिश को हल करने के रूप में काफी अच्छे हैं।
ऐसे में उन्होंने ये पूरी घटना प्लान की. एक साजिश के तहत उन्होंने विस्फोटक से भरे वाहन को एंटीलिया के बाहर रखवाया और उसके बाद खुद ही इस पूरे रहस्य को सुलझा भी लिया।
Published on:
17 Mar 2021 11:38 am
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