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भारी बारिश से पहलगाम में रुकी अमरनाथ यात्रा, बर्फानी के भक्‍तों मौसम ठीक होने का इंतजार

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक मौसम खराब रहने की आशंका जताई है।
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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 28 Jun 2018, 7:57 AM IST

amarnath yatra

भारी बारिश से पहलगाम में रुकी अमरनाथ यात्रा, बर्फानी के भक्‍तों मौसम ठीक होने का इंतजार

नई दिल्‍ली। इस साल की पवित्र अमरनाथ गुफा की 60 दिन की यात्रा का आज दूसरा दिन है। अमरनाथ यात्रा पर लोग बेखौफ होकर दर्शन के लिए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चप्‍पे-चप्‍पे पर सुरक्षाकर्मी मुस्‍तैद हैं। जम्मू से अमरनाथ यात्रियों का दूसरा जत्था पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हुआ। लेकिन पहलगाम के नुंवान कैम्प में खराब मौसम की वजह से यात्रा रोक दी गई है। आपको बता दें कि पहलगाम में बुधवार शाम से ही भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना जताई है।

पहली पूजा में शामिल होंगे राज्‍यपाल
पवित्र अमरनाथ गुफा की इस साल की 60 दिन की यात्रा बुधवार से शुरू हो गई है। हिंदू कैलेंडर के मुताबिक आज से ज्येष्ठ पूर्णिमा के शुभ मौके पर शुरू होगी और अब तक की परंपरा के अनुसार श्रावन पूर्णिमा (रक्षा बंधन) के दिन 26 अगस्त को समाप्त होगी। पवित्र गुफा के कपाट सुबह 9 बजे खुलेंगे और पहली पूजा में राज्य के राज्‍यपाल और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष एनएन वोहरा शामिल होंगे। मरनाथ यात्रा के लिए अभी तक करीब दो लाख तीर्थयात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पहली बार अमरनाथ जाने वाले वाहनों में रेडियो फ्रीक्वेंसी टैग का इस्तेमाल किया जाएगा। सीआरपीएफ का मोटरसाइकिल दस्ता भी सक्रिय रहेगा। आधारशिवरों, मंदिरों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

40 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए इस साल सरकार ने अमरनाथ यात्रियों के प्रत्येक वाहन की निगरानी रेडियो फ्रीक्वेंसी टैग से करने का निर्णय किया है। इसके साथ ही तीर्थयात्रियों द्वारा लिए प्रीपेड मोबाइल नम्बरों की वैधता भी सात दिन से बढ़ाकर 10 दिन कर दी गई है। इस साल की तीर्थयात्रा के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस, अर्धसैनिक बल, एनडीआरएफ और सेना से करीब 40 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। पिछले साल यह यात्रा 40 दिन की थी और कुल 2.60 लाख तीर्थयात्रियों ने गुफा के दर्शन किए थे।