चारों तरफ बिखरी पड़ी थी लाशें
प्रत्यक्षदर्शी विक्रम ने बताया कि जब रावण को आग लगाई गई, तो पटाखों की बहुत तेज आवाज थी। उस वक्त ही ट्रेन आ गई और लोग रावण को देख रहे थे और ट्रेन ने ट्रैक पर जितने भी लोग थे उन्हें कुचल दिया। साथ ही जो लोग ट्रेन से भिड़ने से बच गए वो पत्थरों पर गिर गए, जिससे उनको चोट लगी है। उस वक्त हम बिल्डिंग में खड़े थे, उपर से जब देखा तो नीचे सिर्फ चारों तरफ लाशें ही लाशें दिख रही थीं।