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सावधान: दिल्ली में अमूल और मदर डेरी के दूध में मिलावट, डाबर का शहद भी नकली

मानकों पर फेल होने वाले मिल्क ब्रांड्स में अमूल और मदर डेयरी जैसे प्रसिद्ध ब्रांड भी शामिल हैं।

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नई दिल्ली। दिल्ली में मिलावटी और जहरीला दूध बिकने का सिलसिला जारी है। दिल्ली में इकठ्ठा किये गए 165 सैंपलस में से 21 सैंपल्स सैंडर्ड पर फेल हो गए। हैरानी की बात यह है कि मानकों पर फेल होने वाले ब्रांड्स में अमूल और मदर डेयरी जैसे प्रसिद्ध ब्रांड भी शामिल हैं। ये दोनों ब्रांड दिल्ली वासियों के साथ साथ पूरे देश में शुध्द्धता और विस्वसनीयता का प्रतीक माने जाते हैं।

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दिल्ली सरकार से मिली जानकारी के अनुसार 13 अप्रैल को शुरू हुए इस विशेष जांच अभियान में दूध, शहद और घी के नमूनों की जांच की गई। दूध के साथ साथ घी और शहद की गुणवत्‍ता में भी कमी पायी गई। दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए कहा कि इस जांच में कई ब्रांड फेल हो गए हैं। यहाँ तक कि अमूल और मदर डेयरी का दूध भी मानकों पर खरा नहीं उतरा है। दिल्ली शहर से 13 और 28 अप्रैल के बीच संग्रह किए गए 177 नमूनों की जांच की गई है।

दूध में जमकर मिलावट

सत्येंद्र जैन ने बताया कि अमूल और मदर देरी समेत दूध के 21 नमूने लिए गए जो जांच के दौरान मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इन नमूनों में पानी और फैट का अनुपात जरुरत से ज्यादा था। मडर्र देरी और अमूल दोनों के दूध में फैट की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई। मीडिया से बातचीत में जैन ने कहा कि, "मानकों पर खरा नहीं उतरने का मतलब यह है कि फैट की मात्रा पांच फीसदी होनी चाहिए, लेकिन वह तीन फीसदी ही पाई गई।" उन्होंने कहा कि दूध में मानक से अधिक पानी मिला हुआ था। उन्होंने कहा कि यह जांच अभियान आगे जारी रहेगा और घी के साथ पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों की भी जांच की जाएगी।

घी और शहद के नमूने भी हुए फेल

सत्येंद्र जैन ने बताया दूध के अलावा शहद और घी के नमूने भी फेल हुए है। डाबर जैसे मशहूर ब्रांड का शहद भी स्टैंडर्ड टेस्ट में फेल हो गया। अब इसके बाद डाबर इंडिया को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। सत्येंद्र जैन ने कहा है कि सैंपल फेल होने के सभी मामले अदालत में ले जाए जायेंगे।

हो सकती है कड़ी कार्रवाई

दूध में मिलावट के मामलों में दोषियों पर 5000 से पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। खाने पीने की बस्तु में मिलावट पर कड़े सजा का प्रावधान है। उधर मदर डेयरी ने बयान जारी कर कहा है कि अभी सरकार से उनको कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। मदर देरी का दावा है कि चार स्तरों पर गुणवत्ता मानकों की जांच के बाद दूध बाजार में उतरा जाता है।