
समाजसेवी अन्ना हजारे
नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने और लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति न होने को लेकर कई बार आन्दोलन कर चुके सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजार ने एक बार फिर से आन्दोलन करने की बात कही है। इस बाबत अन्ना हजारे ने पीएमओ मे राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को एक पत्र लिखा है। शनिवार को अन्ना हजारे ने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल की नियुक्ति ना होने पर वह अपने गांव में 30 जनवरी से भूख हड़ताल करेंगे।
अन्ना हजारे ने पीएमओ को लिखा पत्र
आपको बता दें कि अन्ना हजारे ने पीएमओ को एक पत्र लिखा है। अपने पत्र में हजारे ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है। हजारे ने एनडीए सरकार पर केंद्र में लोकपाल और राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति ना करने के लिए बहाने बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कहा था कि लोकसभा में विपक्ष का कोई बड़ा नेता नहीं होने के कारण लोकपाल नियुक्त नहीं किया जा सकता जबकि बाद में कहा कि चयन समिति में कोई प्रतिष्ठित न्यायवादी नहीं है। हजारे ने आगे कहा कि विपक्ष का नेता होना लोकपाल की नियुक्ति प्रक्रिया का हिस्सा है।
इससे पहले 23 मार्च को भूख हड़ताल पर बैठे थे अन्ना
आपको बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब अन्ना हजारे भूख हड़ताल पर बैठेंगे। इससे पहले इसी वर्ष 23 मार्च को रामलीला मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे थे। उस समय केंद्र सरकार ने उन्हें लिखित में आश्वासन दिया था कि उनकी सभी मांगों को पूरी की जाएगी। जिसके बाद हजारे ने अपना आन्दोलन खत्म कर दिया था। हालांकि मांगे पूरी करने के लिए 2 अक्टूबर तक का समय दिया था। अन्ना हजारे ने कहा कि 2 अक्टूबर को वे अपने गांव रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल करते लेकिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि लोकपाल और लोकायुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। लेकिन अब जब पूरा नहीं हुआ है तो 30 जनवरी तक एक बार फिर से मौका दे रहे हैं। यदि इस दिन तक कुछ भी नहीं किया जाता है तो अपने गांव रालेगण सिद्धि में भूख हड़ताल करुंगा। बता दें कि 2012 में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने को लेकर अन्ना हजारे सामने आए थे। इसका परिणाम से ही आम आदमी पार्टी का उदय हुआ था।
Published on:
01 Dec 2018 06:59 pm
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