5 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बाबा आसाराम की राय में ‘ब्रह्मज्ञानी’ लड़की से दुष्कर्म करना अपराध नहीं

लड़कियों से यौन संबंध बनाने को लेकर आसाराम जिस विचार का समर्थक है, उसके हिसाब से लड़की से दुष्‍कर्म करना अपराध की श्रेणी में नहीं आता।

2 min read
Google source verification

image

Dhirendra Kumar Mishra

Apr 27, 2018

asaram

नई दिल्‍ली।जोधपुर कोर्ट द्वारा आसाराम मामले में उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद बाबा के ख्‍यालात के बारे में एक से बढ़कर एक तथ्‍य उभरकर सामने आने लगे हैं। इन्‍हीं में से एक बात ये भी है कि बाबा आसाराम ब्रह्मज्ञानी लड़कियों से दुष्‍कर्म को अपराध नहीं मानता है। इस बात का खुलासा अभियोजन पक्ष के गवाह राहुल सचान की गवाही से हुई। सच्चर आसाराम के करीबी थे और उनकी कुटिया तक उसकी पहुंच थी। उन्होंने अदालत से कहा कि यौन संबंध बनाने से पहले कभी-कभी वह अफीम का भी प्रयोग करता था।

कर्नाटक में बोले राहुल गांधी ,भ्रष्टाचारियों के साथ मंच साझा करते हैं पीएम मोदी

अपने साथ 3 लड़कियां रखता था आसाराम
सचान ने अदालत को बताया कि आसाराम आश्रम घूमते समय अपने साथ तीन लड़कियां रखता था। वह आश्रम की इन लड़कियों का चयन टॉर्च लाइट मारकर करता था। घूमने के बाद यह तीन लड़कियां उनके साथ उनकी कुटिया में जाती थी। इस दौरान उनके साथ तीन महिला सहयोगी भी होती थी जो इन लड़कियों गर्भपात करवाने का काम करती थी। इससे साफ जाहिर होता है कि आजीवन जेल की सजा पाने वाले आसाराम की नजर में लड़कियों से रेप अपराध नहीं है।

राहुल के विमान में खराबी को कांग्रेस ने बताया साजिश, जांच की मांग

दवाओं के लिए पंचेद बूटी कोडवर्ड का करता था इस्‍तेमाल
गवाह ने अदालत में इस बात की भी जानकारी दी कि आसाराम अपनी यौन शक्ति बढ़ाने के लिए दवाओं का सहारा लेता था। इसके लिए वह पंचेद बूटी कोडवर्ड कहकर अपनी सहायिकाओं को इशारा करता था। आसाराम के आश्रम से जुड़े राहुल का ये बयान उस 453 पेज लंबे निर्णय का हिस्सा है, जो आसाराम और उसके दो साथियों को करीब 5 साल पहले एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोप में सजा सुनाने के लिए अदालत की तरफ से लिखा गया था। सचान ने वर्ष 2003 में आसाराम को राजस्थान के पुष्कर, हरियाणा के भिवानी और गुजरात के अहमदाबाद में अपने आश्रमों में लड़कियों का यौन शोषण करते हुए देखा था। सचान ने अदालत को बताया था कि अहमदाबाद में एक शाम को वह आसाराम की कुटिया की दीवार फांदकर अंदर पहुंचा था तो उसे लड़की का यौन शोषण करते हुए पाया था।

बाबा ने सचान पर कराया हमला
सचान ने अदालत को यह भी बताया कि उसने पत्र लिखकर सवाल किया था कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं। उसने अपने पत्र को आसाराम तक रसोइये के जरिए पहुंचाया था। सचान का कहना है कि आसाराम ने पत्र पढ़ने के बावजूद अनदेखा कर दिया था। इसका भी जवाब नहीं मिलने पर जब उसने सीधे आसाराम के पास पहुंचकर ये सवाल किया तो उसने कहा कि ब्रह्मज्ञानी को ये सब करने से पाप नहीं लगता। जब उसने दोबारा पूछा कि ब्रह्मज्ञानी के मन में ऐसी इच्छा कैसे हो सकती है तो आसाराम ने उसे गार्ड से कहकर आश्रम से बाहर करा दिया था। उसके बाद सचान पर वर्ष 2004 में हमला किया गया, जिसकी एफआईआर दर्ज कराने पर भी पुलिस ने सुनवाई नहीं की। 2013 के नाबालिग से यौन शोषण मामले में गवाही देने पर एक बार फिर उस पर हमला किया गया। बरेली से लखनऊ जाकर बस गए सचान इसके बाद से ही गायब चल रहे हैं।

बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग