
नई दिल्ली। पांच लोगों की जान ले चुके असम के जंगली हाथी की 7 दिन बाद पुनर्वास केंद्र में मौत हो गई। हाथी को गोलपारा जिले से बीजेपी विधायक पदम हजारिका के नेतृत्व में अभियान चलाकर पकड़ा गया था और उसे ओरांग नैशनल पार्क के पुनर्वास केंद्र में जंजीरों से बांधकर रखा गया था। बता दें कि इस जंगली हाथी का नाम लादेन था।
वन अधिकारी बीवी संदीप ने के मुताबिक, 'शुरुआती जांच में सामने आया है कि लादेन की मौत कार्डिएक अरेस्ट की वजह से हुई है। फिलहाल अभी विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।'
उन्होंने बताया, 'हाथी लादेन की अच्छे से देखभाल की जा रही थी। वह लगातार निगरानी में था। उसने अपने महावत को रिस्पॉन्स करना भी शुरू कर दिया था।
रविवार सुबह बजे हुई मौत
लादेन सामान्य व्यवहार कर रहा था। रविवार सुबह 4 बजे और 5 बजे के बीच उसे हल्का खाना भी खिलाया गया था। लेकिन सुबह पौने छह बजे लादेन की मौत हो गई। हाथी का पोस्टमॉर्टम करने वाले पशु चिकित्सक ने बताया कि हाथी के हृदय में नेक्रोटिक बैरियर पाया गया।
डॉ. के मुताबिक, इस तरह की चीज दिल में तब पाई जाती है जब किसी चोट या बीमारी के चलते कोशिखाएं और ऊतक खत्म हो जाते हैं। लादेन का दिल ठीक से काम नहीं कर रहा था। वह लगातार तनाव में था। हाथी के शरीर में कई सारी चोटें भी थी।
इलाज के लिए लाया गया था ओरांग
गौरतलब है कि पिछले बुधवार को हाथी लादेन को काफी चोटें आई थी। उसे गंभीर घाव के चलते इलाज के लिए ओरांग लाया गया था। ओरांग लाने के लिए उसे ट्रक से 200 किसी की यात्रा करनी पड़ी थी।
लादेन के नाम से जाना जाने वाला यह हाथी पिछले कई दिनों से लोगों को नुकसान पहुंचा रहा था। उसने पांच लोगों की जान भी ली थी, जिसके बाद 11 नवंबर को वन विभाग के एक ऑपरेशन में हाथी को कैद कर लिया गया था।
Updated on:
18 Nov 2019 12:37 pm
Published on:
18 Nov 2019 12:34 pm
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