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लालकृष्ण आडवाणी बोले- अटल जी के रूप में मैंने अपना घनिष्ठ मित्र खोया

लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि मेरे लिए अटल जी मेरे वरिष्ठ सहयोगी से अधिक थे और वास्तव में वह 65 साल से अधिक समय तक मेरे घनिष्ठतम मित्र रहे। मैंने उन्हें खो दिया।

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Chandra Prakash Chourasia

Aug 16, 2018

 LK Advani

लालकृष्ण आडवाणी बोले- अटल जी के रूप में मैंने अपना घनिष्ठ मित्र खोया

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सबसे निकट सहयोगी रहे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि अटल जी की कमी बहुत खलेगी। आडवाणी ने वाजपेयी के निधन पर कहा कि मेरे पास अपना गहरा दुख और शोक व्यक्त करने के लिए आज शब्द नहीं हैं। देश के सबसे कद्दावर राजनेता अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर हम सभी शोकाकुल हैं। मेरे लिए अटल जी मेरे वरिष्ठ सहयोगी से अधिक थे और वास्तव में वह 65 साल से अधिक समय तक मेरे घनिष्ठतम मित्र रहे। मैंने उन्हें खो दिया।

वो मेरे घनिष्ठ मित्र थे: आडवाणी

वाजपेयी के पूरे सार्वजनिक जीवन के दौरान अभिन्न सहयोगी एवं घनिष्ठ मित्र रहे पूर्व उपप्रधानमंत्री ने लिखा कि मैं उनके साथ लंबे समय तक काम करने के दौरान की यादें हैं, जब हम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक थे, जब हम भारतीय जनसंघ में आए, आपातकाल के काले समय में संघर्ष से लेकर जनता पार्टी के गठन और बाद में 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के समय तक।

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'अटल जी जैसा कोई नहीं'

लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि वाजपेयी जी को केन्द्र में पहली गैर कांग्रेसी स्थिर सरकार बनाने के लिए भी याद किया जाएगा और मुझे छह साल तक उनके डिप्टी के रूप में काम करने का अवसर मिला। मेरे वरिष्ठ के रूप में उन्होंने हमेशा मुझे हर प्रकार से प्रोत्साहित किया और दिशा निर्देशित किया। उनके नेतृत्व गुण, चकित करने वाली वक्तृत्व कला, प्रखर राष्ट्रभक्ति और उससे भी बढ़कर उनकी खरी मानवीय भावनाएं जैसे स्नेह, विनम्रता और वैचारिक विरोधाभासों के बावजूद मतभेदों से पार निकलने की उनकी विलक्षण क्षमता का मुझ पर और मेरे पूरे सार्वजनिक जीवन में पड़ा।