
नई दिल्ली। आज बैसाखी है और पंजाब में इसे धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन इस बार देशभर में लागू लॉकडाउन को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वह बैसाखी के अवसर पर अपने घरों से बाहर नहीं निकलें।
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने लोगों से यह भी कहा कि वह सोमवार को 11 बजे अपने घर पर ही कोरोना वायरस के खिलाफ राज्य की जीत एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करें। त्योहार की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल वैशाखी का त्योहार अलग होगा क्योंकि इसके जश्न में परंपरा का अभाव होगा।
उन्होंने सभी से अपील की है कि लॉकडाउन के कारण लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकलेंगे और न ही एकत्र होकर जलसा आयोजित करेंगे। उन्होंने अपने एक बयान में कहा कि इस कठिन दौर में सबके लिए घरों में रहना और राज्य से कोविड-19 के खात्मे के लिए प्रार्थना करना आवश्यक है।
दरअसल, पंजाब में बैसाखी परंपरागत रूप से सिख नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। खालसा संवत के अनुसार खालसा कैलेंडर का निर्माण खलसा 1 वैसाख 1756 विक्रमी ( 30 मार्च, 1699 ) के दिन से शुरू होता है। यह पूरे पंजाब क्षेत्र में मनाया जाता है। नए साल और कटाई के मौसम के लिए भारत के पंजाब में कई हिस्सों में मेले आयोजित किए जाते हैं। चंडीगढ़ के पास पिंजौर परिसर में जम्मू शहर, कठुआ, उधमपुर रियासी और सांबा, हिमाचल प्रदेश के रेवलर, शिमला, मंडी और प्रशारा झील सहित विभिन्न स्थानों में बैसाखी मेले लगते है। इस मौके पर भांगड़ा नृत्य भी जमकर करते हैं।
Updated on:
13 Apr 2020 10:45 am
Published on:
13 Apr 2020 08:53 am
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