
bar council of india
नई दिल्ली। जस्टिस चेलमेश्वर द्वारा चीफ जस्टिस को पत्र लिखने के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने शनिवार को 11 बजे एक बड़ी बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा से जस्टिस जे. चेलमेश्वर के उस अनुरोध पर चर्चा होगी, जिसमें केंद्र सरकार के हस्तक्षेप से जुड़े मामलों में जजों का पक्ष सुनने के लिये फुल टाइम कोर्ट बनाने की मांग की गई थी। इसके अलावा उन्होंने रिटायर्ड जजों की लाभ के पद पर नियुक्ति की कोशिश जैसे मामलों की भी सुनवाई करने के मांग की थी।
केंद्र पर लगाया सुप्रीम कोर्ट की अनदेखी का आरोप
आपको बता दें कि जस्टिस चेलमेश्वर ने अपने पत्र में जजों की नियुक्ति को लेकर कॉलेजियम की सिफारिश पर कानून मंत्रालय की ओर से कॉलेजियम के बजाए सीधे कर्नाटक हाईकोर्ट से संपर्क करने के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि न्यायिक अधिकारी को हाईकोर्ट जज बनाने या असहमति की स्थिति में कॉलेजियम से संपर्क करने की बजाए सीधे कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू करने को कहा और जज ने उनकी बात भी मान ली। इस तरह का फैसला संबंधित अधिकारी को क्लीन चिट देने के जांच नतीजे और कॉलेजियम की सिफारिश को भी खारिज करता है। उन्होंने लिखा, 'मुझे ऐसी कोई और घटना याद नहीं आती जिसमें सुप्रीम कोर्ट को बाइपास कर हाईकोर्ट से उन आरोपों की जांच के लिए कहा गया हो जो सुप्रीम कोर्ट की जांच में पहले ही गलत साबित हो गए हैं। ऐसा लग रहा है जैसे यह कोई अंतरविभागीय मसला हो।' उन्होंने कहा कि, 'हमारा दुखद अनुभव यह है कि ऐसा बहुत कम होता है जब सरकार हमारे सुझाव मानती है।'
Published on:
30 Mar 2018 05:41 pm
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