
बिहार सीएम नीतीश कुमार
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus ) का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि केंद्र सरकार ( Central Govt ) ने एक बार फिर लॉकडाउन ( Lockdown ) की अवधि बढ़ा दी है। अब 31 मई तक लॉकडाउन का चौथा चरण लागू कर दिया गया है। वहीं लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों ( Migrant ) के हालातों ने पूरे देश को विचलित कर दिया है। हर सड़क पर बदहाल अपने घर पहुंचने के लिए पैदल, साइकिल पर चल रहे इन प्रवासियों के आंसू और पसीने ने हर किसी को झकझोर दिया है।
प्रवासियों के इस घर वापसी के संकट के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ( CM Nitish Kumar ) ने बड़ा बयान दिया है। सुशासन बाबू ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान बिहार आने को इच्छुक प्रवासी श्रमिकों ( Migrant Labour ) की घर वापसी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ( Nitish Kumar ) ने कहा है कि बिहार के बाहर के राज्यों से जो भी प्रवासी श्रमिक घर आना चाहते हैं, उन सभी को लाया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि प्रवासी श्रमिक बिल्कुल भी परेशान ना हों।
नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार पूरी क्षमता से उन्हें जल्द से जल्द बिहार लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
आपको बात दें कि इसके पहले भी सीएम ने कोराना को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार को यह निर्देश दिया कि प्रवासी श्रमिकों की वापसी को लेकर रेल मंत्रालय को पत्र लिखा जाए।
ट्रेन बुकिंग प्रक्रिया सहज हो
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रवासियों की घर वापसी के लिए जरूरी है कि ट्रेन बुकिंग प्रक्रिया को सहज किया जाए। उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय ऐसा प्रोटोकॉल बनाए कि बिहार आने को इच्छुक प्रवासी श्रमिकों को उनके प्रस्थान की तिथि अग्रिम रूप से मालूम हो सके।
सीएम ने कहा कि 710 श्रमिक गाड़ियों की योजना पहले ही बन चुकी है, जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया जाएगा। इसलिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
Published on:
18 May 2020 01:44 pm
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