चक्रवात राहत सामग्री गबन मामले में शुभेंदु अधिकारी को कलकत्ता हाई कोर्ट से झटका, टीएमसी पर लगाया फंसाने का आरोप
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ( Shubhendu Adhikari ) और उनके भाई की मुश्किलें बढ़ सकती है। दरअसल शुभेंदु को कलकत्ता हाई कोर्ट ( calcutta high court ) से बड़ा झटका लगा है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने चक्रवात से जुड़ी राहत सामग्री के कथित गबन के लिए पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाने की अर्जी ठुकरा दी है।
हालांकि इस बीच थोड़ी राहत भी मिली है, जज ने याचिकाकर्ताओं को 22 जून को एक बार फिर नई अर्जी दाखिल करने की आजादी दी है।
पश्चिम बंगाल में चुनाव भले ही खत्म हो गए हों, लेकिन खेला अब भी जारी है। चक्रवात के दौरान राहत सामग्री में गबन मामले को लेकर बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। इस मामले में अब कलकत्ता हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई की अंतरिम रोक वाली याचिका खारिज कर दिया है।
हालांकि, न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने याचिकाकर्ताओं को सुनवाई की अगली तारीख 22 जून को फिर से नयी अर्जी दाखिल करने की आजादी दी।
ये बोले न्यायमूर्ति
न्यायमूर्ति घोष ने कहा, 'मैं केस डायरी और जांच एजेंसी की ओर से जुटाए गए साक्ष्य पर गौर किए बिना इस चरण में कोई अंतरिम आदेश नहीं जारी करना चाहता हूं।'
यही नहीं इसके साथ ही कोर्ट ने लोक अभियोजक शाश्वत गोपाल मुखर्जी को अगली तारीख पर केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
दरअसल पूर्वी मेदिनीपुर जिले के कोंटाई में चक्रवात राहत सामग्री के कथित गबन के मामले में दर्ज प्राथमिकी में शुभेंदु अधिकारी और उनके भाई सौमेंदु का नाम भी है। अधिकारी बंधुओं ने अपने खिलाफ कार्रवाई को रद्द करने का अनुरोध करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था।
टीएमसी पर फंसाने का आरोप
कोर्ट में अधिकारी बंधुओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पीएस पटवालिया ने टीएमसी को इस पूरी साजिश के पीछे की वजह बताया है। पटवालिया ने कहा है कि विरोधी राजनीतिक दल शुभेंदु के बीजेपी में शामिल होने और विधानसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किए जाने से बौखला कर उन्हें फंसा रहा है।