
नई दिल्ली। देशभर में तमाम मौतों के बाद केंद्र सरकार ने ब्लू व्हेल गेम पर प्रतिबंध तो लगा दिया लेकिन इसका आतंकी अभी भी जारी है। ताजा मामले में पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में तीन लड़कियों ने अपने हाथ की कलाई काट ली। जानकारी के मुताबिक आईआईटी कैंपस के एक प्राइवेट स्कूल में 7वीं में पढ़ने वाली तीन लड़कियों के हाथ पर उनकी शिक्षक ने निशान देखा। शक होने पर उन्होंने तुरंत मामले की सूचना प्रिंसिपल को दी।
घर वालों को भी नहीं थी जानकारी
प्रिंसिपल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत घर वालों से बात की। बच्ची के घर वालों ने बताया कि उन्हें इस बात की खबर नहीं थी कि उनके बच्चियां चोरी-छिपे ब्लू व्हेल गेम खेल रही। मामले में स्कूल की प्रिंसिपल एन गौतम ने बताया कि उन्हें पूरा विश्वास है कि बच्चों के हाथ पर जो निशाना वो ब्लू व्हेल गेम के चैलेंस को पूरा करने की वजह से है। उन्होंने जल्द ही इस मामले में स्कूल में वर्कशॉप आयोजन कराने का फैसला लिया है। प्रिंसिपल ने अभिभावकों को तीन दिन तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजने की हिदायत दी है।
‘ब्लू व्हेल’ जैसे गेम पूरी तरह अस्वीकार्य : रविशंकर प्रसाद
गौरतलब है कि इससे पहले सरकार की ओर से सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि ‘ब्लू व्हेल’ जैसे गेम पूरी तरह अस्वीकार्य हैं, जो युवाओं को आत्महत्या तक कर लेने को उकसाते हैं। प्रसाद ने कहा कि सरकार ने इस संबंध में सभी प्रौद्योगिकी कंपनियों को ‘द ब्लू व्हेल चैलेंज’ के प्रसार को रोकने के निर्देश दिए हैं। मुंबई के अंधेरी ईस्ट स्थित शेर-ए-पंजाब कॉलोनी में 30 जुलाई को 14 साल के एक स्कूली छात्र मनप्रीत सिंह साहनी ने कथित तौर पर इसी गेम के कारण आवासीय इमारत की पांचवीं मंजिल से छलांग लगा दी। वहीं दूसरी ओर दिल्ली हाईकोर्ट ने बच्चों के आत्महत्या के मामले को गंभीरता से लेते हुए ब्लू व्हेल चैलेंज गेम को बैन करने को लेकर नोटिस जारी किया है।
Published on:
23 Aug 2017 06:03 pm
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