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गौरी लंकेश हत्‍याकांड में नया खुलासा, शूटर ने बताया- यूपी से खरीदे गए कारतूस से हुई थी हत्या

वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश मर्डर केस में गिरफ्तार शूटर ने खुलासा किया कि उसने हत्या में इस्तेमाल की कारतूस यूपी से मंगाए थे।
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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 6 Mar 2018, 12:35 PM IST

gauri lankesh

नई दिल्‍ली. वरिष्‍ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्‍या को लेकर जारी एसआईटी जांच में एक नया खुलासा हुआ है। इस मामले में गिरफ्तार शूटर नवीन कुमार उर्फ होट्टे ने पुलिस को बताया कि उसने हत्‍या में इस्‍तेमाल की कारतूस उत्‍तर प्रदेश से मंगाए थे। आरोपी शूटर कर्नाटक के मदुरई का रहने वाला है। उसने पूछताछ के दौरान पुलिस को इस बात की भी जानकारी दी कि प्रत्येक कारतूस के लिए एक हजार रुपए का भुगतान किया था। एसआईटी सूत्रों के मुताबिक हिरासत में नवीन से पूछताछ जारी है। उसने पूछताछ के दौरान हत्या की साजिश का खुलासा कर दिया है। अब पुलिस उसके जरिए इस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है। शूटर नवीन को 18 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था।

हत्‍या से पहले शूटर ने लगाए घर के 3 चक्‍कर
गौरी लंकेश हत्‍याकांड में एसआईटी को सबसे बड़ी सफलता उस समय मिली जब सीसीटीवी फुटेज में आरोपी शूटर दिखाई दिया। इसके जरिए पुलिस को पता चला कि वारदात को अंजाम देने से पहले संदिग्धों ने गौरी के घर की रेकी की थी। बाइक पर आए संदिग्धों ने हत्‍या को अंजाम देने से पहले गौरी के घर के तीन चक्कर लगाए थे। जांच के दौरान एसआईटी अधिकारियों को गिरफ्तार संदिग्ध सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया था। आगे की जांच में पता चला कि हत्‍यारोपी एक संदिग्ध ने सफेद शर्ट और पैंट पहना था और उसके सिर पर हैलमेट थी। संदिग्ध सड़क के दाहिनी तरफ से गौरी के घर की तरफ आया था। वह कुछ दूर आगे बढ़ा और फिर बाइक वापस मोड़ लिया। संदिग्ध को गौरी के घर के पास पहली बार शाम 3.27 बजे देखा गया। इसके बाद 7.15 बजे वह फिर वापस आया था। तीसरी बार जब संदिग्ध आया तो उसकी पीठ पर एक काला बैग था। गौरी के घर पर पहुंचते ही उनके पर चार राउंड फायरिंग की। इनमें से तीन सीधे गौरी के शरीर पर लगी थी। इन्हीं क्लू के आधार पर शूटर को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली।

टेबलॉयड पत्रिका की संपादक थी लंकेश
गौरी लंकेश कन्नड़ टेबलॉयड लंकेश पत्रिका की संपादक थीं। नवंबर, 2016 में उन्होंने भाजपा के नेताओं के खिलाफ एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसके कारण उनके खिलाफ मानहानि का केस दायर हुआ था। इस मामले में उन्हें 6 महीने की जेल भी हुई थी। उन्‍होंने कर्नाटक के पुलिस प्रमुख आरके दत्ता से अपनी जान को खतरा बताया था। हत्या के कुछ घंटे पहले तक गौरी सोशल मीडिया पर एक्टिव थीं।