पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। देश के 16 राज्यों के गांवों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सुविधा पहुंचाने को लेकर पीपीपी मॉडल के जरिए भारतनेट के कार्यान्वयन को अनुमति दी।
नई दिल्ली। पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। देश के 16 राज्यों में भारतनेट के लिए 19,041 करोड़ रुपये के वायबिलिटी गैप फंडिंग को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के 16 राज्यों के गांवों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सुविधा पहुंचाने को लेकर पीपीपी मॉडल के जरिए भारतनेट के कार्यान्वयन को अनुमति दी।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इन्फॉर्मेशन हाईवे हर गांव तक पहुंचे इस दिशा में सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। बीते 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से पीएम नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि एक हजार दिन में छह लाख गांवों में भारतनेट के माध्यम से ऑप्टिकल फाइबर ब्रॉडबैंड लाएंगे।
28 करोड़ की मदद का आश्वासन दिया
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस बैठक के बारे में बताते हुए कहा कि दो दिन पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस के कारण छह लाख 28 करोड़ की मदद का आश्वासन दिया था। इसे आज मंजूरी मिल चुकी है। जावड़ेकर का कहना है कि नवंबर तक 80 करोड़ नागरिकों को फ्री राशन दिया जाएगा। इसका ऐलान पहले करा जा चुका है।
पावर डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म को मंजूरी
मोदी सरकार की तरफ से पावर डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म को मंजूरी दे दी गई है। इसका बजट 3.03 लाख करोड़ रुपये मंजूर किया गया है। बिजली के क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। राज्य सरकारों की ओर से योजना मांगी जाएगी, जिसके तहत केंद्र की ओर से उन्हें पैसा दिया जाएगा।