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CBSE 12th Result: 12वीं का नतीजा इस फॉर्मूले पर हो सकता है तैयार, गुरुवार को SC में रखी जाएगी रिपोर्ट

सीबीएसई 12वीं बोर्ड का परिणाम किस फॉर्मूले के आधार पर तैयार किया जाएगा इस संबंध में 13 सदस्यीय सम‍िति सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
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नई दिल्ली

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Anil Kumar

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Updated: 16 Jun 2021, 10:40 PM IST

Supreme Court Of India.png

CBSE 12th Result Marking Criteria to be file in Supreme Court on June 17

नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर कुछ दिनों पहले केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी थी। अब परिणाम किस आधार पर घोषित किया जाएगा, इसको लेकर पूरी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में कल (17 जून, गुरुवार) जमा की जाएगी।

परिणाम तैयार करने को लेकर किस फॉर्मूले को अपनाया जाएगा, इस संबंध में 13 सदस्यीय सम‍िति सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सीबीएसई के अलावा आईसीएसई की 12वीं की परीक्षा का मार्क‍िंग क्राइट्रेरिया को लेकर भी रिपोर्ट जमा की जाएगी।

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12वीं का परिणाम तैयार करने का फॉर्मूला क्या होगा, ये अभी किसी को भी मालूम नहीं है। पर कमेटी से जुड़े सूत्रों की मानें तो 12वीं का परिणाम जारी करने से पहले 15 फीसदी अंकों के लिए एक और आंतरिक मूल्यांकन हो सकता है ताकि जो छात्र किसी कारणवश 12वीं की प्री-बोर्ड या मध्यावधि परीक्षाओं में बेहतर नहीं कर पाए हैं पर बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर रहे थे, उनको इसका लाभ मिल सके।

ये हो सकता है परिणाम तैयार करने का फॉर्मूला

सूत्रों की मानें तो 12वीं के परिणाम तैयार करने का फॉर्मूला 30-20-50 हो सकता है। यानी कि 10वीं के 30 फीसद अंक, 11वीं के 20 फीसद अंक और 12वीं के 50 फीसद अंकों को शामिल किया जा सकता है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि कमेटी 11वीं के 20 फीसद अंक को ही जोड़ने के पक्ष में है। इसके अलग-अलग कारण हैं। कमेटी के सदस्यों का मानना है कि 11 वीं को छात्र अधिक गंभीरता से नहीं लेते हैं और 12 वीं में अधिक फोकस करते हैं।

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इसके अलावा यह भी तर्क दिया जा रहा है कि मूल्यांकन में 12वीं के 50 फीसदी अंकों को शामिल किया जाना चाहिए। क्योंकि छात्र 12 वीं में अधिक मेहनत करते हैं। इन 50 फीसदी अंकों में 35 फीसद अंक प्री-बोर्ड, मध्यावधि परीक्षा, आंतरिक मूल्यांकन और प्रायोगिक परीक्षा के हो सकते हैं।

मूल्यांकन के लिए एक और जो महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है वह है सभी राज्यों का औसत परिणाम। यानी अंतिम परिणाम जारी करने से पहले सभी राज्यों का औसत परिणाम देखा जाएगा ताकि राज्यों के परिणाम में ज्यादा अंतर नहीं रहे।