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दिल्‍ली में सीसीटीवी के मुद्दे पर भिड़े माकन और केजरीवाल

माकन का आरोप- सीसीटीवी कैमरे के प्रोजक्ट में हुआ घोटाला

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Kumar Kundan

May 07, 2018

Ajay Makan

नई दिल्‍ली। दिल्ली में सीसीटीवी लगाने के मुद्दे को लेकर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय माकन और दिल्ली सरकार आमने सामने आ गए हैं। अजय माकन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रोजेक्ट में गड़बड़ी के आरोप लगाया है। माकन ने केजरीवाल पर आरोप लगाया है कि सक्षम पदाधिकारी की मंजूरी लिए बगैर टेंडर जारी किया गया। वहीं आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और दिल्ली के ग्रेटर कैलाश से विधायक सौरभ भारद्वाज ने माकन के आरोपों को सिरे से खारिज किया है और कहा कि सीसीटीवी प्रोजक्ट में किसी भी तरह से सरकारी नियमों की अनदेखी नहीं हुई है।

बिना कैबिनेट मंजूरी के टेंडर - माकन

अजय माकन ने आरोप लगाया कि जब सीसीटीवी लगाने के प्रोजेक्ट को केबिनेट की मंजूरी नही दी गई तो उससे पहले 571.40 करोड़ का नया टेंडर कैसे मंजूर किया गया। माकन ने कहा कि 13 अक्टूबर 2015 को दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए केबिनेट ने 130 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी जिसके लिए नवम्बर 2017 में जारी किए गए जिसमें दो बिडर में से एक सफल बिडर रहा और इस टेंडर को रद्द कर दिया गया। इसके बाद 6 फरवरी 2018 को दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 571.40 करोड़ का टेंडर बदली हुई कमजोर शर्तों के साथ मंजूर किया।

अधिकारियों के मंजूरी के बिना टेंडर

माकन ने आरोप लगाया कि इस योजना के लिए को सक्षम पदाधिकारी से मंजूरी नही मिली है। उससे पहले आरएफपी को निमंत्रण दिया गया तथा टेंडर को पीडब्लूडी ने मंजूरी दे दी। 5 अप्रैल 2018 की ईएफसी के मिनट्स में यह भी लिखा गया है कि टेंडर को लेकर इस प्रकार की मंजूरी नही होती है और प्रींसिपल सेक्रेटरी पीडब्लूडी ने कमेटी को यह भी बताया कि क्योंकि यह सुरक्षा से संबंधित परियोजना है , इसलिए इस काम को कराने के लिए पीडब्लूडी कार्यकारी संस्था होगी। इस प्रस्ताव की अप्रूवल के विस्तृत एक्शन प्लान के साथ प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए केबिनेट के सामने रखा जाएगा। लेकिन टेंडर पूर्व सक्षम पदाधिकरी की अनुमति नहीं ली गई।

सबकुछ सामान्य प्रक्रिया के तहत किया गया - सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और ग्रेटर कैलाश के विधायक सौरभ भारद्वाज ने अजय माकन के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सीसीटीवी की टेंडर प्रक्रिया में सभी सरकारी कायदे कानून को ध्यान में रखकर किया गया है।

सरकारी कम्पनी को मिला है टेंडर

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीसीटीवी का टेंडर एक सरकारी कम्पनी बीईएल को मिला है जो केंद्र सरकार की कंपनी है । किसी सरकारी कंपनी को कोई भी काम बिना टेंडर के भी दिया जा सकता है । मगर यहाँ टेंडर में सबसे कम बोली इन्हीं की थी।