
Central Team ने Bihar में जताई Coronavirus Outbreak बढ़ने की आशंका, कहा- तैयार रहने की जरूरत
नई दिल्ली। बिहार में कोरोना संक्रमण ( Coronavirus in Bihar ) के मौजूदा हालात का जायजा लेने आई तीन सदस्यीय केंद्रीय टीम ( Central Team ) सोमवार को गया पहुंची और अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल ( ANMCH ) का दौरा किया। केंद्रीय टीम में शामिल सदस्यों ने कहा कि आने वाले समय में इस महामारी का प्रकोप ( Coronavirus outbreak ) और बढ़ सकता है, इसलिए अभी से इसके लिए तैयारी कर लेनी चाहिए। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ( Luv Aggarwal, Joint Secretary in the Ministry of Health and Family Welfare ) के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने गया पहुंचकर कोविड-19 ( COVID-19 ) के प्रकोप की स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और स्वास्थ विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
इसके बाद टीम और अधिकारी जी़ बी़ रोड स्थित कंटेनमेंट जोन पहुंची और वहां का जायजा लिया। यहां से केंद्रीय टीम एएनएमसीएच पहुंची और वहां निरीक्षण किया। एएनएमसीएच के अधीक्षक डॉ़ पी़ कुमार ने बताया कि टीम का कहना है कि आने वाले समय में कोरोना का प्रकोप और बढ़ सकता है। जरूरत है कि अभी से मरीजों के इलाज के प्रति सचेत हो जाएं। आने वाले मरीजों का विश्लेषण करना है और प्रयास करना है कि उसे स्वस्थ किया जाए। उन्होंने बताया कि इस दौरान केंद्रीय टीम ने यहां आने वाले मरीजों के रखने और इलाज करने की प्रक्रिया के विषय में भी जानकारी ली।
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम रविवार को पटना पहुंची थी। रविवार को कोविड की स्थिति के विभिन्न पहलुओं पर राज्य सरकार के मुख्य सचिव और वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ चर्चा की और राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे। इस टीम के अन्य सदस्यों में नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के निदेशक डॉ़ एस़ क़े सिंह और एम्स-नई दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर नीरज निश्चल हैं। केंद्रीय टीम ने कोरोना महामारी को रोकने के लिए उठाए गए उपायों की देखरेख के लिए पटना के कई क्षेत्रों का दौरा भी किया था।
वहीं, बिहार में भारी बारिश ( Heavy Rain in Bihar ) के चलते पैदा हुए बाढ़ के हालातों ने स्थिति को और अधिक भयावह कर दिया है। नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही बारिश के बाद राज्य की सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्घि हुई है। राज्य के कई नए क्षेत्रों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। राज्य की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जिससे आठ जिलों की करीब तीन लाख की आबादी प्रभावित हुई है। बिहार जल संसाधन विभाग के अनुसार, सोमवार को बागमती नदी सीतामढ़ी के ढेंग, सोनाखान, डूबाधार तथा कटौंझा और मुजफ्फरपुर के बेनीबाद और दरभंगा के हायाघाट में खतरे के निशान के ऊपर बह रही है, जबकि बूढ़ी गंडक समस्तीपुर के रोसरा रेल पुल के पास खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
आपदा प्रबंधन विभाग ( Disaster Management Department ) के अपर सचिव रामचंद्र डू ने बताया कि बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से अभी बिहार के 8 जिले Sitamarhi, Shivhar, Supaul, Kishanganj, Darbhanga, Muzaffarpur, Gopalganj and East Champaran के कुल 31 प्रखंडों की 153 पंचायतें आंशिक रूप से प्रभावित हुई हैं। सुपौल व दरभंगा में दो-दो और गोपालगंज में तीन राहत शिविर चलाए जा रहे हैं।
Updated on:
20 Jul 2020 09:49 pm
Published on:
20 Jul 2020 09:32 pm

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