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चमकी बुखार: बिहार में बच्चों की मौत पर SC में सुनवाई , 7 दिन में केन्द्र-राज्य सरकार से मांगा जवाब

Chamki Bukhar : बुधवार को SC ने सुनवाई के लिए भरी थी हामी चमकी बुखार का सामना करने में सरकारी सिस्टम फेल- याचिकाकर्ता चमकी फीवर से मुजफ्फरपुर में 130 बच्चों की मौत

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नई दिल्ली।चमकी बुखार ( chamki bukhar ) यानी एक्यूट इंसेफ्लाइटिस ( aes ) का कहर बिहार में लगातार जारी है। इस बीमारी से पूरे प्रदेश में अब तक 160 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। आलम ये है कि इस गंभीर बीमारी के कारण मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अकेले मुजफ्फरपुर में 130 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र और बिहार सरकार को सात दिन में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने चमकी बुखार ( Chamki Bukhar ) वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केन्द्र और राज्य सरकारों से तीन मुद्दे पर हलफनामा दायर करने को कहा है। इनमें हेल्थ सर्विस, न्यूट्रिशन और हाइजिन का मामला शामिल है। अदालत ने कहा कि ये तीनों मूल अधिकार हैं, जिन्हें मिलना ही चाहिए।

पढ़ें- चमकी बुखार का जारी है कहर, झूठी है लीची की खबर, आखिर बच्चों की मौत से सरकार क्यों हैं बेखबर!

चमकी पर 'सुप्रीम' सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने दोनों सरकारों से पूछा है कि क्या इनको लेकर कोई योजना लागू की गई है। कोर्ट ने कहा कि हमने कुछ रिपोर्ट्स पढ़े है, जिनमें कहा गया है कि कई गांव ऐसे हैं, जहां पर कोई बच्चा ही नहीं बचा है। SC ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि उत्तर प्रदेश में भी कुछ ऐसी ही स्थिति थी, वहां पर सुधार आखिर कैसे आया?

दोनों सरकारों को कोर्ट ने सात दिन का समय देते हुए रिपोर्ट समिट करने के लिए कहा है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में मुजफ्फरपुर मामले को लेकर दो याचिकाएं दाखिल की गई थी, जिस पर बीते बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए हामी भरी थी।

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए भरी थी हामी

सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) में दायर की गई याचिका में मांग की गई है कि अदालत की तरफ से बिहार सरकार को मेडिकल सुविधा बढ़ाने के आदेश दिए जाएं। साथ ही केंद्र सरकार को भी इस बारे में एक्शन लेने के लिए कहा जाए। मनोहर प्रताप और सनप्रीत सिंह अजमानी की ओर से दाखिल याचिका में दावा किया गया है कि सरकारी सिस्टम इस चमकी बुखार ( Chamki Bukhar ) का सामना करने में पूरी तरह से फेल रहा है।

मुजफ्फरपुर में सबसे ज्यादा मौत

चमकी बुखार से मुजफ्फरपुर में सबसे ज्यादा 130 बच्चों की मौत हुई है। वहीं, हाजीपुर में 11 बच्चों ने दम तोड़ा है। जबकि, समस्तीपुर में 5 और मोतिहारी में 7 बच्चों की चमकी बीमारी ( Chamki Bukhar ) से मौत हो चुकी है। इस बीमारी ने अब तक 16 जिलों में अपना पैर पसार लिया है। भागलपुर, सीवान, मोतिहारी, बेगूसराय, सीतामढ़ी, बेतिया, अररिया जिलो में चमकी बुखार से कई बच्चों की मौत हो चुकी है।

पढ़ें- SKMCH के सीनियर डॉ. भीमसेन निलंबित, मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से 129 की मौत

एक डॉक्टर सस्पेंड

इधर, चमकी बुखार से बच्चों की लगातार हो रही मौत के बीच मुजफ्फरपुर के श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ( SKMCH ) के सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. भीमसेन कुमार को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केन्द्रीय जांच टीम की भी मुजफ्फरपुर में तैनाती की गई है।

बारिश होते ही घटने लगे आंकड़े

बिहार में मानसून के आते ही बारिश शुरू हो गई है। एसकेएमसीएच के डॉक्टर्स का कहना है कि बारिश होते ही चमकी बुखार ( Chamki Bukhar ) से पीड़ित बच्चों के आने का सिलसिल अचानक थम गया है। बच्चों के नहीं पहुंचने पर डॉक्टरों ने राहत की सांस ली है। ऐसा कहा जा रहा है कि बारिश होते ही इस बीमारी का प्रकोप कम हो जाता है।


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