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चंद्रयान-2: चांद की सतह पर कदम रखने के बाद दो साल तक होगा ये काम, यहां देख सकेंगे लाइव

Chandrayaan-2 को लेकर आई सबसे बड़ी खबर चांद पर नहीं मिली धूप तो रुक सकता है मिशन रोवर प्रज्ञान के लिए जरूरी है कुछ चीजें, जो वैज्ञानिकों की बढ़ा रही चिंता

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नई दिल्ली। पूरी दुनिया जिस पल का इंतजार कर रही थी वो पल महज चंद कदम की दूरी पर है। आज रात जब आप गहरी नींद में सो रहे होंगे तो देश एक नया कीर्तिमान रच रहा होगा। चंद्रयान-2 अपने मिशन को पूरा कर लेगा। चांद की सतह पर कदम रखते ही दुनिया में भारत का एक बार फिर डंका बजने लगेगा।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ( ISRO ) के वैज्ञानिकों की मेहनत का नतीजा आज सामने होगा और इस पल के साक्षी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बनेंगे। वैसे तो चंद्रयान-2 इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन कुछ बातें ऐसी हैं जिनको लेकर फिलहाल वैज्ञानिक भी परेशान हैं। आईए जानते हैं इतिहास रचने वाले चंद्रयान-2 से जुड़ी खास बातें...

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धूप नहीं मिली तो होगी आएगी दिक्कत
लैंडर विक्रम से निकलने वाले रोवर प्रज्ञान को चंद्रमा पर एक दिन की यात्रा के दौरान धरती के 14 दिन तक अपनी ऊर्जा से काम करना होगा।

इसे अगर वहां सौर्य ऊर्जा मिलती रही तो इसकी सबसे कठिन परीक्षा भी पास हो जाएगी।

यानी चांद पर धूप मिलने से ही प्रज्ञान ठीक से काम कर पाएगा। अगर धूप नहीं मिली तो बड़ी मुश्किल खड़ी हो जाएगी।

सौर ऊर्जा के जरिये स्वत: चार्ज होकर प्रज्ञान पृथ्वी पर हमारे लिए चांद से संकेत भेजता रहेगा।

दो साल तक भेजेगा अद्भुत तस्वीरें
बहुत लोगों को मन में ये सवाल हैं कि चंद्रयान-2 के चांद की सतह पर उतरने के बाद आखिर होगा क्या।

तो हम आपको बता दें कि प्रज्ञान रोवर हमें लगातार दो साल तक अद्भभुत तस्वीरें भेजेगा, जिससे हम चांद को और करीब से सही तौर पर जान पाएंगे।

रहस्यों से उठेगा पर्दा
प्रज्ञान में मिशन पेलोड्स लगाए गए हैं जो ऑर्बिटर प्लेलोड्स भी कहे जाते हैं, ये एक तरह से रोवर की पूरी फंक्शनिंग है। इसमें लगे टेरेन मैपिंग कैमरा 2 एक संपूर्ण चांद का एक डिजिटल एलेवेशन मॉडल भेजेगा, जिससे चांद के कई और रहस्य पता चल पाएंगे।

सतह पर उतरने के चंद घंटे महत्वपूर्ण
चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर जब आज चांद पर लैंड करेगा तो शुरुआती कुछ घंटे काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। लैंडिंग की प्रक्रिया देर रात 1 बजे के आसपास शुरू होगी, जो 7 सितंबर सुबह तक जारी रहेगी। यही पल धड़कन बढ़ाने वाले होंगे। खास बात ये भी है कि भारत पहली बार अपने किसी यान की सॉफ्ट लैंडिंग कराने जा रहा है।

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ये भी जान लें
- चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चांद से करीब 140 किलोमीटर ऊपर चक्कर लगाता रहेगा। इसके जरिए ऑर्बिटर 2 साल तक चांद की तस्वीरें भेजेगा।
- रूस, अमरीका और चीन के बाद इस कामयाबी को हासिल करने वाला चौथा देश बन जाएगा भारत।
- चंद्रयान-2 की लैंडिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ 74 बच्चे भी देखेंगे। इनका चयन क्विज के जरिए हुआ है।

- लैंडर विक्रम जब लैंड करेगा तब एक और परेशानी हो सकती है। दरअसल चांद पर बहुत गड्ढे और धूल है ऐसे में विक्रम की स्पीड ज्यादा हुई तो लैंड करते वक्त बहुत धूल उड़ेगी इससे बाधा उत्तपन्न हो सकती है।

यहां देख सकेंगे चंद्रयान-2 का लाइव टेलिकास्ट
इस अद्भुत नजारे को आप घर पर बैठे लाइव देख सकते हैं। इसरो की आधिकारिक वेबसाइट isro.gov.in पर चंद्रयान-2 लैंडिंग की लाइव अपडेट्स उपलब्ध उपलब्ध होंगे।

प्रेस इंफॉरमेशन ब्यूरो ( PIB ) के YouTube पेज पर आप चंद्रयान-2 को चंद्रमा पर उतरते हुए लाइव देख सकेंगे।

पीआईबी अपने YouTube पेज पर लाइव स्ट्रीमिंग दिखाएगा।

इसके अलावा चंद्रयान-2 की चांद की पर लैंडिंग को आप हॉटस्टार पर भी देख सकते हैं।

National Geographic इंडिया, स्टारप्लस, स्टार भारत पर भी आप लाइव स्ट्रीमिंग देख पाएंगे।


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