
नई दिल्ली।
पश्चिम बंगाल में राज्य और केंद्र सरकार के बीच किसी न किसी मुद्दे पर तकरार जारी है। दोनों के बीच एक विवाद सुलझता नहीं है तभी दूसरा शुरू हो जाता है। इस बार मामला केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट को लेकर है।
दरअसल, देशभर में कोरोना महामारी (Coronavirus) को लेकर वैक्सीनेशन जारी है। वैक्सीनेशन कराने वालों को सर्टिफिकेट दिया जा रहा है, जिस पर पूरी संबंधित व्यक्ति की पूरी डिटेल भरी जाती है। इस सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो भी होती है। इसी को लेकर ममता बनर्जी नाराज हैं। उन्होंने बंगाल में इन सर्टिफिकेट पर अपनी फोटो लगवानी शुरू कर दी है। भाजपा ने ममता बनर्जी के इस कदम की आलोचना करते हुए इस पर नाराजगी जाहिर की है।
बंगाल भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस यह दिखाना चाहती है कि हमारे संसदीय लोकतंत्र में प्रधानमंत्री की जगह मुख्यमंत्री ले सकती हैं। दूसरी ओर, बंगाल सरकार में मंत्री फरहाद हकीम ने राज्य सरकार के इस फैसले को सही बताया है। उन्होंने दलील दी कि वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर राज्य के मुख्यमंत्री की फोटो होना कोई गलत बात नहीं है।
हालांकि, वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर विवाद की शुरुआत कुछ महीने पहले ही शुरू हो गया था। तब तृणमूल कांग्रेस ने वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो को लेकर सवाल उठाए थे। इस मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस तब चुनाव आयोग के पास भी गई थी। पार्टी का कहना था कि यह आचार संहिता का उल्लंघन है।
बहरहाल, वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री की फोटो हटाने का मामला अकेले बंगाल का नहीं है। कई और राज्यों ने वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट से प्रधानमंत्री की फोटो पहले ही हटा दी थी। पंजाब सरकार ने टीकाकरण कराने के बाद दिए जाने वाले सर्टिफिकेट पर अब केवल मिशन फतेह का लोगो लगाया है। वहीं, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी ऐसा ही किया जा रहा है।
Published on:
5 Jun 2021, 9:39 AM IST
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