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डीडीसीए मानहानि मामले में सीएम केजरीवाल और कीर्ति आजाद हुए बरी

डीडीसीए मानहानि मामले में गुरुवार को अदालत ने फैसला देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भाजपा के निलंबित सांसद कीर्ति आजाद को बरी कर दिया है।
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नई दिल्ली

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Anil Kumar

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Updated: 19 Apr 2018, 7:05 PM IST

kirti azad and cm kejriwal

नई दिल्ली । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) मामले में बरी हो गए हैं। बता दें कि डीडीसीए के उपाध्यक्ष चेतन चौहान द्वारा दाखिल किए गए मानहानि मामले में गुरुवार को अदालत ने फैसला देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भाजपा के निलंबित सांसद कीर्ति आजाद को बरी कर दिया है।
आपको बता दें कि अदालत में अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी समर विशाल ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा 'केजरीवाल के खिलाफ ऐसा कोई सबूत नहीं है कि उनके बयान से डीडीसीए और उनके किसी अधिकारी की व्यक्तिगत मानहानि हुई हो। '

कब दर्ज हुआ था मामला

गौरतलब है कि डीडीसीए के उपाध्यक्ष चेतन चौहान ने फरवरी 2016 में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कीर्ती आजाद के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करवाया था। दर्ज मामले में आरोप लगाया गया था कि दोनों ने डीडीसीए के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। इनलोगों के टिप्पणी से क्रिकेट निकाय की मानहानि हो रही है।

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टीवी चैनल के माध्यम किया गया था मानहानि का दावा

आपको बता दें कि चेतन चौहान ने एक समाचार टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार के माध्यम से मानहानि का दावा किया था। हालांकि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी साक्षात्कार के माध्यम से ही जवाब देते हुए कहा था 'खिलाड़ियों के चयन के लिए उनसे यौन संबंध की अपेक्षा की जाती है।' इस बयान के बाद काफी बवाल मच गया था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि क्रिकेट संघ के खिलाफ 'फर्जी' आरोप लगाए गए हैं।

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कीर्ती आजाद पर केजरीवाल के बयान को दोहराने का आरोप

कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया था कि भाजपा के निलंबित सांसद कीर्ति आजाद ने केजरीवाल के फर्जी बयान को तत्काल दोहरया था। शिकायतकर्ता ने कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा था कि केजरीवाल और आजाद ने न सिर्फ हजारों क्रिकेट प्रेमियों को ठेस पहुंचाया है बल्कि बल्कि भारत के लोगों व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डीडीसीए की विश्वसनीयता और छवि को काफी नुकसान पहुंचाया है।