सिख लड़कियों का धर्मांतरण मामलाः एक लड़की ने कहा मर्जी से बदला धर्म और की शादी, पीडीपी ने बताया साजिश

सिख लड़कियों के धर्मांतरण मामले में एक युवती ने ली कोर्ट की शरण, परिवार और पुलिस की ओर से दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की, 18 वर्ष की आजाद कराई गई युवती की सिख युवक से कराई गई शादी

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर ( Jammu Kashmir ) में कथित रूप से जबरन धर्म परिवर्तन ( Religion change ) मामले में नया मोड़ सामने आया है। धर्मांतरण का शिकार हुई चार में से एक सिख युवती ने उच्च न्यायालय की शरण ली है। युवती ने अदालत में अपने परिवार और पुलिस की ओर से दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की है।

युवती ने कहा है कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करके मुसलमान व्यक्ति से निकाह किया है। वहीं दूसरी तरफ पूरे मामले पर पीडीपी ( PDP ) की प्रतिक्रिया सामने आई है। पीडीपी का कहना है कि बदनाम करने के लिए धर्मांतरण के मुद्दे को उठाया जा रहा है।

इन सबके बीच कश्मीर में जिस सिख युवती मनमीत कौर को कथित अपहर्ता से छुड़ाकर परिवार को सौंप दिया गया था, उसका मंगलवार को एक सिख युवक से विवाह सम्पन्न हो गया।

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ये है मामला
दरअसल 20 जनवरी 2021 को इस्लामिक रीति-रिवाज से मंजूर अहमद भट से निकाह करके वीरन पाल कौर से खदीजा बनी युवती ने इस साल मई में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

जज अली मोहम्मद मगरे ने मई 20 को पुलिस को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करें कि युवती के माता-पिता या उनकी ओर से कोई भी व्यक्ति दंपती पर हमला ना करे, उन्हें प्रताड़ित, उनका अपहरण ना करे या उन्हें नुकसान ना पहुंचाए।

सिखों ने किया प्रदर्शन
कश्मीर में सिखों ने ऐसे अतंर-धर्म विवाह के विरुद्ध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि सिख युवतियों का जबरन उम्रदराज लोगों से विवाह कराया जा रहा है।

यही नहीं शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिन्दर एस. सिरसा ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केन्द्रीय मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाया है। सिरसा ने कहा कि, चार लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है जिनमें एक 18 साल की है और उसका निकाह प्रौढ़ व्यक्ति से कराया गया है।

शाह ने दिलाया कार्रवाई का भरोसा
कहा जा रहा है कि उसने अपनी मर्जी से शादी की है। इस मामले में सिख समुदाय को होम मिनिस्टर अमित शाह की ओर से भी कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।

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सिख आंदोलनकारियों की ये है मांग
आंदोलनकारियों की मांग है कि जम्मू-कश्मीर में एक कानून बनना चाहिए, जिसके तहत अंतर्धार्मिक विवाह से पहले पेरेट्स की अनुमति लेना जरूरी होगा।

उधर कश्मीर में जबरन धर्मांतरण (Religious Conversion) के आरोपों के बीच सिख युवती मनमीत कौर (Manmeet Kaur), जिसे कथित अपहर्ता से छुड़ाकर उसके परिवार को सौंप दिया गया था, उसका मंगलवार को एक सिख युवक से विवाह सम्पन्न हो गया।

डीएसजीएमसी के अध्यक्ष एवं शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्वीट करके कहा, 'श्रीनगर से सिख बेटी मनमीत कौर का उत्साहपूर्वक स्वागत करने के लिए संगत का शुक्रिया अदा करता हूं, जिसका जबरन धर्मांतरण किया गया, लेकिन उसे फिर से आजादी मिली है।

धीरज शर्मा
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