भारत में Corona Vaccine से पहली मौत का मामला आया सामने, 68 वर्षीय बुजुर्ग को 8 मार्च को लगा था टीका
नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण के खिलाफ शुरू हुआ वैक्सीनेशन ( Corona Vaccination in India ) कार्यक्रम तेजी से जारी है। इस बीच बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल देश में टीकाकरण के बाद पहली मौत की पुष्टि हुई है। ये खुलासा केंद्र सरकार की ओर से गठित AEFI पैनल की रिपोर्ट के जरिए हुए है।
सरकारी पैनल ने कोरोना रोधी टीकाकरण के बाद सामने आए 31 गंभीर मामलों की जांच की। इसमें से सिर्फ 1 मौत में टीकाकरण को वजह माना गया।
देश में टीकाकरण (Vacciation In India) की प्रक्रिया जारी है। 16 जनवरी से भारत में कोरोना वैक्सीनेशन शुरू हुआ और अब तक 26 करोड़ के करीब लोगों का टीकाकरण हो चुका है। लेकिन इस बीच वैक्सीनेशन के चलते पहली मौत के मामले की पुष्टि हुई है।
केंद्र सरकार की ओर से गठित AEFI यानी एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक 8 मार्च, 2021 को वैक्सीनेशन के बाद 68 वर्षीय एक व्यक्ति की एनाफिलेक्सिस से मौत हो गई। एईएफआई अध्यक्ष डॉ एनके अरोड़ा ने कहा वैकेसीनेशन के बाद यह पहली मौत है जो हमने देखी है, जिसमें जांच के बाद मौत का कारण टीकाकरण के बाद एनाफिलेक्सिस पाया गया है।
दरअसल वैक्सीन लगने के बाद हुई किसी दिक्कत को AEFI यानी एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन कहते हैं। सरकार ने AEFI के लिए एक समिति गठित की थी।
रिपोर्ट में वैक्सीन को बताया गया ज्यादा फायदेमंद
रिपोर्ट में कहा गया है कि 3 मामले वैक्सीन के प्रॉडक्ट से जुड़े पाए गए। वैक्सीन प्रॉडक्ट से जुड़े रिएक्शन्स हो सकते हैं जिनकी वजह वैक्सीनेशन है। इन रिएक्शन्स में एलर्जी और एनाफिलेक्सिस शामिल है।
खास बात यह है कि रिपोर्ट में वैक्सीन को ज्यादा फायदेमंद बताया गया है। रिपोर्ट में साफ लिखा गया है कि भले इससे एक मौत हुई हो, लेकिन वैक्सीन के फायदे कहीं ज्यादा हैं।
रिपोर्ट पर एक नजर
- 31 गंभीर मामलों का मूल्यांकन किया गया
- 28 लोगों की मौत हुई
- 18 मामले कोइंसिडेंटल थे, इनका वैक्सीन से कोई संबंध नहीं
- 07 मामले अनिश्चित ( टीके के तुरंत बाद लेकिन टीकाकरण ही वजह नहीं)
- 03 लोगों को एनाफिलेक्सिस (वैक्सीन प्रॉडक्ट रिलेटिड रिएक्शन) की शिकायत आई थी
- 02 लोग अस्पताल में भर्ती होने के बाद ठीक हो गए
- 01 मृत्यु वैक्सीनेशन की वजह से हुई है
सरकारी पैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, वैक्सीन से जुड़े हुए अभी जो भी रिएक्शन सामने आ रहे हैं। उनकी उम्मीद पहले से ही थी, जिन्हें मौजूदा साइंटिफिक एविडेंस के आधार पर टीकाकरण के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। ये रिएक्शन एलर्जी से संबंधित या एनाफिलैक्सीस जैसे हो सकते हैं।