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कोरोना टीकाकरण को लेकर बड़ी खुशखबरी, भारत बायोटेक ने पहुंचाई कोवैक्सिन की पहली खेप

भारत बायोटेक द्वारा विकसित स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन का पहला बैच भेजा गया। कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी पूरी जानकारी। सरकार ने कोविशील्ड और कोवैक्सिन को दी है आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी।
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नई दिल्ली

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Amit Kumar Bajpai

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Updated: 4 Jan 2021, 11:28 PM IST

'कोवैक्सीन' को भी आपातकालीन उपयोग के लिए मिली मंजूरी

'कोवैक्सीन' को भी आपातकालीन उपयोग के लिए मिली मंजूरी

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी से बेहतरीन ढंग से जूझने के बाद भारत में अब वृहद कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू किया जाने वाला है। इसके लिए हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने कंपनी द्वारा विकसित स्वदेशी कोविड वैक्सीन कोवैक्सिन की पहली खेप सरकार को भेज दी है। पहली खेप भेजे जाने का मकसद आने वाले समय में चलाए जाने वाले टीकाकरण अभियान के लिए देश में इनका वितरण किया जाना है। भारत बायोटेक के प्रबंधन निदेशक डॉ. कृष्णा एला ने सोमवार को यह जानकारी दी।

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एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. कृष्णा एला ने कहा, "हम कसौली के केंद्रीय अनुसंधान संस्थान को कोवैक्सिन की एक खेप भेज चुके हैं।" हालांकि भारत बायोटेक द्वारा सरकार को यह कितनी मात्रा में कोवैक्सिन भेजी गई है, इसके बारे में फिलहाल कोई खुलासा नहीं किया गया है।

इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के खिलाफ विकसित स्वदेशी वैक्सीन के वितरण के लिए इसकी कितनी खुराकें कंपनी से मंगवाई हैं, भारत बायोटेक के प्रबंध निदेशक ने इसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी।

बता दें कि सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) के अंतर्गत केंद्रीय अनुसंधान संस्थान यानी सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआई) दवाओं के परीक्षण और देश के उत्तरी भाग में इसका प्रसार करने वाली एक नोडल एजेंसी है।

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इस दौरान डॉ. कृष्णा एला ने यह भी बताया कि कंपनी के पास अभी कोवैक्सिन की दो करोड़ खुराकें बनकर तैयार हैं। जबकि जुलाई तक कंपनी द्वारा आठ करोड़ खुराकों का निर्माण कर लिया जाएगा।

भारत बायोटेक का मकसद दक्षिण भारत में बनाए जा रहे अपने चार और मैन्युफैक्चरिंग फैलिसिटी के साथ भविष्य में कोवैक्सिन की 70 करोड़ खुराकों का उत्पादन करना है।

इससे पहले डॉ. एला ने वैक्सीन को लेकर छिड़े विवाद पर बोलते हुए कहा, "अब जब वैक्सीन का राजनीतिकरण किया जा रहा है, तो मैं यह बात स्पष्ट रूप से बता देना चाहता हूं कि मेरे परिवार का कोई भी सदस्य किसी भी राजनैतिक दल से नहीं जुड़ा हुआ है।"

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एला ने आगे बताया, "आपातकालीन इस्तेमाल के लिए कोवैक्सिन को स्वीकृति मिलना, भारत में नवाचार और बेहतरीन उत्पाद विकास को लेकर एक लंबी छलांग है। यह राष्ट्र के लिए गौरव का क्षण है और भारत की वैज्ञानिक क्षमता में एक बड़ा मील का पत्थर और भारत में नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बेहतरीन शुरुआत है।"