
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर ट्रैक्टर किसान रैली के दौरान लाल किला परिसर में हुई हिंसा के मामले में आरोपी एक्टर दीप सिद्धू की जमानत याचिका पर फैसला कल सुनाया जाएगा। मामले की सुनवाई कर रही विशेष न्यायाधीश नीलोफर आबिदा परवीन ने कहा कि फैसला लिख कर सुरक्षित रखा गया है।
मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से कहा गया कि सिद्धू ट्रैक्टर रैली में हिंसा करने तथा राष्ट्रीय ध्वज के अपमान करने के उद्देश्य से ही शामिल हुआ था। सिद्धू ने ही रैली में मौजूद किसानों को भड़काकर एकत्रित किया और लाल किला परिसर में हिंसा की घटना को अंजाम दिया। सरकारी वकील ने कहा कि सिद्धू को रिहा किया गया तो सबूतों के नष्ट किए जाने का खतरा बना रहेगा। वकील ने अदालत में सिद्धू द्वारा 25 जनवरी से पहले मीडिया को दिए गए इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा कि सिद्धू को मालूम था कि सिंघू बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी निर्धारित मार्ग का पालन नहीं करेंगे और किसी साजिश का अंजाम दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि लाल किला परिसर में हुई हिंसा और भीड़ द्वारा पुलिस पर हमला किए जाने से 144 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
दिल्ली पुलिस के वकील की दलील पर बोलते हुए सिद्धू के वकील ने अदालत में कहा कि अभिनेता के इंटरव्यू को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है जबकि वह एक ईमानदार नागरिक है और रैली में मौजूद होना ही उन्हें हिंसा का आरोपी नहीं बना सकती। अतः उन्हें रिहा किया जाना चाहिए।
Published on:
15 Apr 2021 06:28 pm
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