देश की राष्ट्रीय राजधानी पर दोहरी मार, प्रदूषण और कोरोना का एक साथ 'डबल वॉर'

  • देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पर 'डबल अटैक'
  • Corona ने तोड़ी दिल्ली की 'कमर'
  • प्रदूषण से जनजीवन बेहाल!

नई दिल्ली। पूरा देश इन दिनों कोरोना वायरस (coronavirus) की चपेट में है। आलम ये है कि यह महामारी लगातार बढ़ता ही जा रहा है। खासकर, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली ( COVID-19 in Delhi ) में कोरोना एक बार फिर विकराल रूप धारण करते जा रहे हैं। दिल्ली में पिछले कुछ समय से हर दिन कोविड-19 के रोजाना नए केस पांच से सात हजार के बीच आ रहे हैं। वहीं, दिल्लीवासियों को प्रदूषण ने भी नाक में दम कर रखा है। हवा की गुणवत्‍ता यहां लगातार बिगड़ती जा रही है, जिसके कारण लोगों को सांस लेने में काफी समस्याएं हो रही हैं और आंखों में जलन भी हो रहा है। एक साथ दो अटैकों से दिल्लीवासियों का जीना मुहाल हो रहा है।

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कोरोना ने खराब की दिल्ली की स्थिति

दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी में पिछले दो हफ्तों से कोरोना वायरस ने भी मुश्किलें बढ़ा रखी है। कोविड-19 के रोजाना मामले बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना के 7,745 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 77 लोगों की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि एक दिन में कोरोना के ये सबसे अधिक मामले हैं। शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना के 6953 नए केस आए थे। हालांकि, 6069 लोग कोरोना महामारी से जंग भी जीते हैं। लेकिन, नए केसों की संख्या ने सरकार से लेकर प्रशासन तक की मुश्किलें बढ़ा दी है। क्योंकि, तकरीबन दो हफ्तों से दिल्ली में औसतन हर दिन पांच हजार से ज्यादा कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। दिल्ली में अब तक 4,23,872 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें एक्टिव केसों की संख्या 40,258 है। जबकि, 3,83,614 लोग इस महामारी से ठीक हो चुके हैं। वहीं, 6,912 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। कोरोना केस को देखते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना सबसे बुरे चरण में है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 का तीसरा दौर अपने चरम पर है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कोविड-19 हॉस्पिटल में बेडों की संख्या बढ़ा दी गई है।

'दिल्ली की जहरीली हवा'

कोरोना के साथ-साथ दिल्ली में प्रदूषण का स्तर भी लगातार बढ़ता जा रहा है। हवा की गुणत्ता लगातार बिगड़ रही है। दिल्ली के कई इलाकों में AQI बेहद ही खराब श्रेणी में पहुंच गई है। मुंडका में AQI का लेवल 470, वजीरपुर में 468, ओखला फेज-2 में 465 पहुंच गया है। जिसके कारण लोगों को सांस लेने में काफी कठिनाई हो रही है। साथ ही आंखों में जलन भी हो रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली में जिस तरह की अभी गुणवत्ता है उससे बुजुर्गों और बच्चों में खतरा ज्यादा बढ़ गया है। गौरतलब है कि दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए इस बार पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। इतना ही नहीं इस बार ग्रीन पटाखों को भी जलाने की अनुमति नहीं है।

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Kaushlendra Pathak
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