गुरुवार को इंडियन एयरफोर्स में शामिल होगा Dassault Rafale विमान, कार्यक्रम में शामिल होंगे फ्रांस के डिफेंस मिनिस्टर

  • Dassault Rafale लड़ाकू विमान गुरुवार को इंडियन एयरफोर्स में शामिल करने की औपचारिकताएं होंगी पूरी
  • गुरुवार को पिछले 23 साल के बाद इंडियन एयरफोर्स में शामिल होगी कोई लड़ाकू विमान

नई दिल्ली। गुरुवार को फ्रांस में निर्मित 5 डसॉल्ट राफेल ( Dassault Rafale ) विमान भारतीय वायूसेना में शामिल होने की औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। इस दौरान इंडियन एयरफोर्स की ओर से अंबाला एयरबेस में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ फ्रांसीसी रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ले और भारत के शीर्ष सैन्य अधिकारी भी शामिल होंगे।

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23 साल बाद कोई विमान शामिल होगा लड़ाकू विमान
जानकारी के अनुसार इस समारोह में फ्रांस की महिला रक्षा मंत्री गुरुवार सुबह भारत पहुंचेंगी और दोपहर के बाद स्वदेश लौट जाएंगी। समारोह के बाद राजनाथ सिंह और पार्ल के बीच अंबाला में ही द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा व सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है। आपको बता के वायुसेना में पिछले 23 साल में पहली बार कोई नया शामिल होने जा रहा है। आखिरी बार 1997 में रूस से सुखोई जेट विमानों को इंडियन एयरफोर्स में शामिल किया गया था।

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29 जुलाई को भारत पहुंचे थे राफेल
देश में पांच राफेल जेट विमानों की पहली खेप 29 जुलाई को भारत पहुंची थी। 2016 में देश की ओर से 59 हजार करोड़ रुपए में 36 विमानों की खरीद की डील हुई थी। जिनमें से 30 लड़ाकू क्षमता और 6 विमान दोहरी सीट वाले ट्रेनिंग विमान हैं। वैसे इन ट्रेनिंग विमानों को जरुरत पडऩे पर युद्ध के मैदान में उतारने के लिए हर क्षमता से तैयार किया गया है।

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5 विमान अभी भी फ्रांस में
खास बात तो ये है कि फ्रांस की एयरोस्पेस कंपनी डसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित राफेल विमान के पहले खेप में 10 विमान भारत को देने थे, लेकिन 5 विमान भारतीय पायलटों की ट्रेनिंग के लिए फिलहाल फ्रांस में ही रखा गया है। राफेल विमानों के पहले स्क्वाड्रन को अंबाला एयरबेस पर, जबकि दूसरे स्क्वाड्रन को पश्चिमी बंगाल के हासिमारा एयरबेस पर तैनात किया जाएगा। आपको बता दें कि राफेल विमानों की नई फ्लीट उस 17 स्क्वाड्रन का हिस्सा होगी, जिसे पिछले साल 10 सितंबर को दोबारा सक्रिय किया गया था। यह स्क्वाड्रन वास्तव में एक अक्तूबर, 1951 को पहली बार अंबाला एयरबेस पर ही गठित की गई थी।

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Saurabh Sharma
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