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पुण्यतिथि : भारत में कंप्यूटर क्रांति के अग्रदूत थे राजीव, राहुल गांधी ने कहा – सच्चे देशभक्त पिता का पुत्र होने पर गर्व

21 मई, 1991 को लिट्टे उग्रवादियों ( LTTE militants ) द्वारा राजीव गांधी की हत्या के बाद पूरा देश स्तब्ध रह गया था। संजय गांधी ( Sanjay Gandhi ) की विमान दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद राजीव गांधी को राजनीति में आना पड़ा। भारत में कंप्यूटर और दूरसंचार क्रांति का उन्हें जनक माना जाता है।

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Rajiv Gandhi

भारत में राजीव गांधी को कंप्यूटर और दूरसंचार क्रांति लाने का श्रेय दिया जाता है।

नई दिल्ली। 21 मई को भारत के इतिहास में एक दर्दनाक घटना के लिए याद किया जाता है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ( Fromer PM Rajiv Gandhi ) की लिट्टे उग्रवादियों ( LTTE militants ) ने जान ले ली थी। इस घटना के बाद पूरा देश स्तब्ध रह गया था। उनकी पुण्यतिथि पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) ने ट्वीट कर कहा है कि सच्चे देशभक्त, उदार और परोपकारी पिता के पुत्र होने पर मुझे गर्व है।

सांसद राहुल गांधी ( MP Rahul Gandhi ) ने अपने ट्वीट में आगे लिखा है कि प्रधानमंत्री के रूप में राजीव जी ने देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया। अपनी दूरंदेशी से देश के सशक्तिकरण के लिए उन्होंने ज़रूरी कदम उठाए। आज उनकी पुण्यतिथि ( Death anniversary ) पर मैं स्नेह और कृतज्ञता से उन्हें सादर नमन करता हूं।

बता दें कि राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त, 1944 में मुंबई में हुआ था। जब भारत को अंग्रेजी शासन की गुलामी से आजादी मिली तो इनकी उम्र महज तीन साल थी। राजीव गांधी की रुचि राजनीति में कभी नहीं रही। वह पायलट बनना चाहते थे लेकिन 1980 में संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद सियासी परिस्थितियां बदल गई।

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इसके बाद राजीव गांधी को राजनीति में आना पड़ा। 31 अक्टूबर, 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनके निजी सुरक्षा कर्मियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इंदिरा गांधी की हत्या के कुछ घंटो बाद ही राजीव को प्रधानमंत्री की शपथ दिलाई गई। इंदिरा गांधी की हत्या के ठीक दो महीने बाद दिसंबर, 1984 में लोकसभा चुनाव हुए और इस चुनाव में कांग्रेस ने 524 सीटों में से 415 सीटों पर जीत दर्ज की। प्रचंड बहुमत से यह जीत आज भी भारत के चुनावी इतिहास उनके नाम दर्ज है।

21 मई 1991 की रात हुई दर्दनाक मौत

राजीव गांधी 21 मई, 1991 की रात वह तमिलनाडु में चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। जिस मंच पर वह भाषण देने पहुंचे थे उसी मंच की ओर आती एक महिला आत्मघाती हमलावर ने उन्हें माला पहनाने की कोशिश की। जैसे ही महिला हमलावर ने उन्हें माला पहनाई और पैर छूने के लिए झुकी उसने अपने कमर पर बंधे बम का बटन दबा दिया। इस धमाके में राजीव गांधी की दर्दनाक मौत हो गई। बतौर प्रधानमंत्री उनकी उपलब्धियों को आज भी याद किया जाता है।

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इन बातों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे राजीव गांधी

1 . 21 के बदले 18 वर्ष तक के युवाओं को मताधिकार देकर उन्हें देश के प्रति और जिम्मेदार व सशक्त बनाने की पहल की।

2. राजीव गांधी को भारत में कंप्यूटर और दूरसंचार क्रांति (Computer and Telecommunications revolution ) लाने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने न सिर्फ कंप्यूटर को भारत के घरों तक पहुंचाने का काम किया बल्कि भारत में इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी को आगे ले जाने में अहम रोल निभाया।

3. देश में त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था ( Three-tier Panchayati Raj System ) की नींव रखने का श्रेय भी उन्हें को जाता है। वह मानते थे कि पंचायती राज व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक निचले स्तर तक लोकतंत्र नहीं पहुंच सकता।

4. ग्रामीण और शहरी वर्गों में नवोदय विद्यालयों ( Navodaya Vidyalayas ) की नींव भी राजीव गांधी ने ही रखी। प्रवेश परीक्षा में सफल मेधावी बच्चों को इन स्कूलों में प्रवेश मिलता है। बच्चों को छह से 12वीं तक की मुफ्त शिक्षा और हॉस्टल में रहने की सुविधा मिलती है।

5. राजीव गांधी की सरकार ने 1986 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति ( NPE ) की घोषणा की थी। इस नीति के तहत पूरे देश में उच्च शिक्षा व्यवस्था का आधुनिकीकरण हुआ।