अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट के मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में केजरीवाल, सिसोदिया और 9 अन्य विधायकों को बरी किया।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ( Manish Sisodia) को तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ( Delhi chief secretary Anshu Prakash) के साथ मारपीट के मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की एक अदालत ( Delhi Court) ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और नौ अन्य आम आदमी पार्टी विधायकों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने बुधवार को सुनवाई करते हुए आप पार्टी के दो विधायक अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जरवाल (Amantullah Khan & Prakash Jarwal) के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है।
अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जरवाल पर आरोप तय
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश असॉल्ट केस की सुनवाई करते हुए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बड़ी राहत देते हुए आप पार्टी के अन्य 9 विधायकों को बरी कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने आप विधायक अमानतुल्लाह खान और प्रकाश जरवाल पर आरोप तय किए हैं।
आज सच्चाई की जीत हुई
राउज एवेन्यू कोर्ट का फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर प्रतिक्रिया दी और उन्होंने लिखा कि सत्यमेव जयते। वहीं, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसकी जानकारी शेयर की। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह न्याय और सच्चाई की जीत का दिन है। कोर्ट ने कहा कि मामले में सभी आरोप झूठे और निराधार थे, सीएम को आज उस झूठे मामले में बरी कर दिया गया। हम कह रहे थे कि आरोप झूठे थे। सीएम के खिलाफ साजिश रची गई।
इन 13 लोगों के खिलाफ लगा था आरोप
आपको बता दें कि फरवरी 2018 में दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने मुख्यमंत्री और आप पार्टी के विधायकों पर मुख्यमंत्री आवास में मारपीट का आरोप लगाया था। इस मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, अमानतुल्ला खान, प्रकाश जरवाल, नीतिन त्यागी, ऋतुराज गोविंद, संजीव झा, अजय दत्त, राजेश ऋषि, राजेश गुप्ता, मदन लाल, प्रवीण कुमार व दिनेश मोहनिया शामिल हैं। इस मामले में सीएम और डिप्टी सीएम समेत कुल 13 आरोपी थे, जिनमें से 11 को बरी करने का आदेश आज कोर्ट ने दिया है। सिर्फ दो विधायकों के ऊपर ही आरोप तय किए गए हैं।