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नई दिल्ली। कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान मजदूर दिल्ली से पलायन कर गए थे, लेकिन अब धीरे-धीरे वापस आने लगे हैं। वहीं अब दिल्ली सरकार भी मजदूरों को राहत प्रदान कर रही है। मजदूरों के लिए पहले से ही राजधानी में लेबर कार्ड के तहत आर्थिक सुविधा दी हुई है। अब दिल्ली सरकार ने मजदूरों को सरकारी दफ्तरों में चक्कर काटने और दौड़-भाग से बचाने के लिए घर बैठे मजदूर कार्ड बनाने सुविधा दी है। अब मजदूरों को लेबर कार्ड बनवाने के लिए बस अपने फोन से 1076 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करना होगा और सरकार की डोरस्टेप सर्विस के माध्यम से उनका मजदूर कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इतना ही नहीं एक हफ्ते के भीतर उनका कार्ड उनके घर पर भी पहुंच जाएगा।
हालांकि मजदूर कार्ड सिर्फ निर्माण श्रमिक ही बनवा सकते हैं। इस श्रेणी में बेलदार, कुली, लेबर या मजदूर, राजमिस्त्री, मिस्त्री, टाइल्स एवं स्टोन फिटर, चूना पुताई या सफेदी करने वाले, मसाला बनाने वाले मजदूर, कंक्रीट मिक्सर, पेंटर, पीओपी श्रमिक, निर्माण स्थल पर कार्यरत चौकीदार, प्लंबर बढ़ई, बिजली मिस्त्री, फीटर, लोहार, माली, शटरिंग मिस्त्री एवं लेबर, पंप ऑपरेटर, बार बाइंडर, क्रेन ऑपरेटर आदि सभी आते हैं।
दिल्ली में श्रम विभाग देख रहे मंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि सरकार की डोरस्टेप सर्विस के तहत काम कराना अब बहुत आसान है। सबसे पहले मजदूर को 1076 पर फोन करना होगा और अपना नाम, पता फोन नंबर दर्ज कराना होगा। जिसके बाद दिल्ली सरकार की ओर से तैनात सदस्य उस मजदूर के घर जाकर उससे सभी दस्तावेजों की कॉफी लेगा और उसका डाटा ऑनलाइन फॉर्म में भर देगा। इसके साथ ही मजदूर का फोटो भी अपलोड होगा।
इस पूरी प्रक्रिया के बाद जैसे ही फॉर्म को स्वीकृति मिलेगी, मजदूर अपना लेबर कार्ड इंटरनेट पर ले सकेगा या एक हफ्ते में लेबर कार्ड उसके घर पहुंच जाएगा। इसके बाद मजदूर दिल्ली सरकार के रजिस्टर्ड मजदूरों में शामिल हो जाएगा और इसे दिल्ली सरकार की ओर से तय किए गए सभी आर्थिक लाभों का फायदा मिल सकेगा।
ऐसे मिलती है मदद
मजदूर कार्ड बनने के बाद मजदूर को तमाम आर्थिक फायदे मिलते हैं। दिल्ली सरकार का कहना है कि पुरुष मजदूर को अपने बेटे की शादी के लिए 35 हजार और बेटी की शादी के लिए 51 हजार रुपए की मदद राशि दी जाएगी। वहीं महिला मजदूर को अपनी शादी के लिए 51 हजार रुपए की मदद मिलती है। वहीं दो बच्चे पैदा होने तक महिला मजदूर या पुरुष मजदूर की पत्नी को 30-30 हजार रुपए का मैटरनिटी लाभ मिलता है।
10 हजार तक मिलती है मेडिकल सहायता
पांच दिन या उससे ज्यादा दिनों तक अस्पताल में भर्ती होने पर 10 हजार रुपए तक की मेडिकल सहायता दी जाती है। दो बच्चों की फीस के लिए 500 से 10 हजार रुपए मासिक तक दिए जाते हैं। काम के दौरान किसी घटना में अपंगता होने पर तीन हजार रुपए महीने की पेंशन का लाभ मिलता है। स्थाई अपंगता होने पर 1 लाख रुपए अतिरिक्त सहायता मिलती है और जान गंवाने पर उसके परिवार को 2 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है।
Updated on:
08 Dec 2020 04:37 pm
Published on:
08 Dec 2020 04:31 pm
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