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गंभीर स्तर पर बनी हुई है दिल्ली एनसीआर की हवा, सरकार उठा सकती है यह कदम

बुधवार सुबह अधिकतर स्थानों पर हवा की क्वालिटी 200 से 300 के बीच रही। प्रदूषण का स्तर घटाने के लिए कृत्रिम बारिश का सहारा लिया जा सकता है ।
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नई दिल्ली

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Saif Ur Rehman

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Updated: 28 Nov 2018, 9:20 AM IST

Delhi

दिल्ली में कम नहीं हो रहा वायु प्रदूषण, सरकार कर रही है कृत्रिम बारिश विकल्प पर विचार

नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर की फिजा में जहर घुला हुआ है। लोगों को सांस लेना मुश्किल हो रहा है। वायु की गुणवत्ता खराब श्रेणी में अटक गई है तो कुछ स्थानों पर तो हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। बुधवार सुबह अधिकतर स्थानों पर हवा की क्वालिटी 200 से 300 के बीच रही। सुबह आठ बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) पंजाबी बाग, पूसा समेत 12 जगह पर 200 से 300 के बीच देखा गया। द्वारका, आरके पुरम के साथ पांच जगहों पर हवा की क्वालिटी सामान्य (101 से 200 के बीच) रही। मुंडा AQI 592 और शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस (AQI 510) में हवा खतरनाक श्रेणी में रिकॉर्ड हुई।

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वहीं मंगलवार को दिल्ली एनसीआर में भी हवा की हालात सही नहीं रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तरफ से जारी हुई जानकारी के अनुसार, मंगलवार को फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, बागपत, दिल्ली, बुलंदशहर, हापुड़, कानपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, मुजफ्फरपुर, और मुजफ्फरनगर की हवा की गुणवत्ता खराब रही।

गौरतलब है कि सूचकांक शून्य से 50 तक होने पर हवा को ‘अच्छा’, 51 से 100 होने पर ’संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘सामान्य’, 201 से 300 से ‘खराब’, 301 से 400 तक ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया।

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कब सुधरेंगी हवा?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने एजेंसियों की कोशिशों को विफल बताया है। उन्होंने प्रवर्तन एजेंसियों को अपने प्रयासों में तेजी लाने को कहा गया है क्योंकि जन शिकायतों के प्रति उनकी प्रतिक्रिया अपर्याप्त पाई गई है। सीपीसीबी ने प्रवर्तन एजेंसियों को शिकायतों के त्वरित हल के लिए सोशल मीडिया से जुड़ने के लिए एक बार फिर से कहा है। बोर्ड ने एक बैठक के बाद ये बातें बताई हैं। उधर अधिकारियों ने कहा कि प्रदूषण का स्तर घटाने के लिए कृत्रिम बारिश का सहारा लिया जा सकता है क्योंकि मौसम की परिस्थतियां अनुकूल नहीं हैं। बता दें कि सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के मुताबिक अगले दो से तीन दिन मौसम भी हवा की गुणवत्ता के विपरीत रहेगा। ऐसे में वायु प्रदूषण की यह स्थिति बरकरार रहने का अनुमान है।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
प्रदूषण को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत भी चिंतित है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से कहा कि उसके पास आई शिकायतों पर सुनवाई क्यों नहीं हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सीपीसीबी को उसकी अधिकृत सोशल मीडिया साइट पर दिल्ली में वायु प्रदूषण के बारे में मिली कुल शिकायतों में से करीब 250 शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है।