दिल्ली: लॉकडाउन प्रतिबंधों में मिली छूट के बाद लोग बेकाबू, मेट्रो-शॉपिंग मॉल में उमड़ी भीड़

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी को देखते हुए लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दी गई है। पर प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद लोग बेकाबू नजर आए। मेट्रो स्टेशनों और शॉपिंग मॉल में भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

नई दिल्ली। देश में कोरोना संक्रमण के दूसरी लहर की रफ्तार अब धीमी पड़ चुकी है। हालांकि अभी भी हर दिन 50 हजार से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं। इस बीच कई राज्यों ने संक्रमण के मामलों में कमी के मद्देनजर लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दी है। लेकिन, प्रतिबंधों में ढील मिलने के साथ ही लोग कई जगहों पर कोरोना नियमों व नए दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए देखे गए।

देश की राजधानी दिल्ली में भी कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी को देखते हुए लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दी गई है। सोमवार से तमाम बाजारों, शॉपिंग मॉल आदि को खोलने की इजाजत मिली है। पर प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद लोग बेकाबू नजर आए। मेट्रो स्टेशनों और शॉपिंग मॉल में भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

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लिहाजा, अब डॉक्टरों व विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जल्द से इस तरह के हालात पर काबू नहीं किया गया तो एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी के बाद देश के कई प्रमुख शहरों में लागू प्रतिबंधों को हटाया जा रहा है। बीते दो महीनों से अधिक समय में अब संक्रमण के मामले निचले स्तर पर आ गई है।

टीकाकरण अभियान हो सकती है प्रभावित: डॉक्टर्स

दिल्ली में प्रतिबंधों में मिली छूट के बाद बेकाबू भीड़ को देखते हुए रोग विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने आगाह किया है कि हमेशा की तरह व्यवसाय को फिर से शुरू करने की दौड़ टीकाकरण के प्रयासों को प्रभावित करेगी, क्योंकि सभी 950 मिलियन योग्य वयस्कों में से केवल 5% को ही टीका लगाया गया है।

डॉक्टरों का कहना है कि दिल्ली को लगभग पूरी तरह से दोबारा खोलना चिंताजनक है। शहर के अधिकारियों ने कहा है कि अगर मामले बढ़ते हैं तो वे सख्त प्रतिबंध लगाएंगे। पिछले महीने मई में राजधानी में कोरोना से हजारों लोगों की मौत हुई है। हालात, कितने खराब थे इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अस्पतालों में बेड व ऑक्सीजन की भारी कमी देखी गई। लोगों ने एम्बुलेंस के लिए सामान्य कीमत का 20 गुना तक भुगतान किया। मुर्दाघरों में जगह कम पड़ गई।

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मैक्स हेल्थकेयर के अंबरीश मिथल ने ट्वीट करते हुए कहा "#COVID19 के फिर से विस्फोट होने की प्रतीक्षा करें और सरकार, अस्पतालों, देश को दोष दें।" सर्जन और प्रमुख यकृत प्रत्यारोपण विशेषज्ञ अरविंदर सिंह सोइन ने ट्वीट करते हुए कहा “दिल्ली को और अधिक वैज्ञानिक रूप से अनलॉक करना चाहिए था। हम परेशानी को आमंत्रित कर रहे हैं!"

प्रतिबंधों में मिली है छूट

बता दें कि दिल्ली सरकार ने पांच सप्ताह के सख्त लॉकडाउन के बाद प्रतिबंधों में छूट दी है। रेस्तरां को 50% बैठने की क्षमता के साथ खोलने की अनुमति दी है। उपनगरीय रेल नेटवर्क 50% क्षमता पर चल सकते हैं और कार्यालयों को आंशिक रूप से फिर से खोल दिया गया है।

दिल्ली सरकार ने कहा है कि वैक्सीन की कमी की वजह से 18-44 आयु वर्ग के लोगों के लिए टीकाकरण अभियान केंद्र मंगलवार से बंद हो जाएंगे। बीते दिन सरकार ने कहा था कि हमारे पास सिर्फ दो दिन का ही स्टॉक बचा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले 24 घंटों में कोविड के 60,471 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो 31 मार्च के बाद से सबसे कम संख्या है। वहीं अब तक 377,031 लोगों की मौत हुई है।

Anil Kumar
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