Zydus का दावा: आ गई हफ्तेभर में कोरोना पॉजिटिव मरीज को निगेटिव करने की दवा Virafin

DGCI ने जायडस कैडिला के 'विराफिन' के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी है। Pegylated Interferon Alpha-2b (PegIFN)-19 का उपयोग कोरोना से संक्रमित व्यस्क मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है।

नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों ने जहां चिंताएं बढ़ा दी है वहीं दूसरी तरफ से एक बड़ी खुशखबरी भी सामने आई है। कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए एक और हथियार मिल गया है। सबसे बड़ी बात कि ये दवा हफ्तेभर में कोरोना पॉजिटिव मरीज को निगेटिव कर देता है।

दवा बनाने वाली कंपनी का दावा है कि उनकी दवा लेने के हफ्तेभर बाद कोरोना मरीज की रिपोर्ट निगेटिव हो जाती है। यानी कि वह ठीक हो जाता है। एक हफ्ते में कोरोना मरीज को ठीक करने वाली इस दवा का नाम 'विराफिन' है, जिसे अहमदाबाद की कंपनी जायडस कैडिला ( Zydus Cadila ) ने बनाया है। अब इस दवा को मंजूरी भी मिल चुकी है।

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दरअसल, ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया (DGCI) ने एक और वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। DGCI ने अहमदाबाद की दवा निर्माता कंपनी जायडस कैडिला की 'विराफिन' के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दी है। Pegylated Interferon Alpha-2b (PegIFN)-19 का उपयोग कोरोना से संक्रमित व्यस्क मरीजों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। जायडस कैडिला ने कहा कि अस्पतालों को 'विराफिन' मुहैया कराई जाएगी।

इस वैक्सीन की सिर्फ एक डोज ही दी जा रही है। एंटीवायरल विराफिन की एक खुराक मरीजों के इलाज को आसान बना देता है। कंपनी ने अपने एक बयान में कहा है कि यदि Covid-19 के दौरान Virafin लिया जाता है तो मरीजों के तेजी से ठीक होने में यह मदद करेगा और मरीज को बहुत सारी जटिलताओं से बचाएगा।

91.15 फीसदी असरदार है विराफिन

आपको बता दें कि इससे पहले जाइडस कैडिला ने कोविड-19 के इलाज में PegiHep दवा की DGCI से मंजूरी मांगी थी। कंपनी ने कहा था कि Pegylated Interferon Alpha 2b या PegiHep दवा 91.15 फीसद असरदार साबित हुई है। कंपनी ने बताया कि शुरुआती तीसरे चरण के मानव परीक्षण में बहुत अच्छे परिणाम मिले थे।

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बता दें कि Pegylated Interferon Alpha 2b या PegiHep भारत में एक स्वीकृत दवा है और इसे कोरोना मरीजों के इलाज के लिए फिर से तैयार की गई है। कंपनी के मुताबिक, तीसरे चरण के मानव परीक्षण के शुरुआती नतीजों से पता चला कि दवा के इस्तेमाल से 7 दिन के भीतर कोरोना के 91.15 फीसदी मरीज ठीक हो गए। सभी मरीजों की पॉजिटिव कोरोना की जांच रिपोर्ट RT-PCR टेस्ट में निगेटिव आई।

कंपनी का दावा है कि सिंगल डोज की ये दवा पर निर्भर मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की कम जरूरत भी पड़ती है। बता दें कि दिसंबर 2020 में कंपनी को दवा नियामक से कोविड-19 के मरीजों पर तीसरे चरण का मानव परीक्षण शुरू करने की इजाजत मिली थी।

1 मई से 18 साल से अधिक आयु के सभी लगा सकेंगे टीका

आपको बता दें कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 1 मई से 18 साल से अधिक आयु के सभी लोगों के टीका लगाने की घोषणा की है। ऐसे में जायडस कैडिला की विराफिन वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद टीकाकरण अभियान में और गति आएगी।

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भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 3,32,730 नए मामले सामने आए हैं, जो कि एक दिन में दर्ज किया गया सबसे बड़ा आंकड़ा है। बीते दो दिन से भारत में 3 लाख से अधिक नए मामले दर्ज हो रहे हैं। इससे पहले करीब एक सप्ताह तक 2 लाख से अधिक केस प्रत्येक दिन सामने आ रहे थे।

इसके साथ ही भारत में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,62,63,695 हो गई है, वहीं बीते 24 घंटों में देशभर में कोरोना की वजह से 2,263 लोगों की मौत हुई, जो कि एक दिन में सबसे अधिक है। इसके साथ ही भारत में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 1,86,920 हो गई है। पूरे देश में 24,28,616 सक्रिय कोरोना मरीज हैं।

Anil Kumar
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